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हरियाणा में सब्जियों के बढ़े दामों ने बिगाड़ा रसोई का बजट, बढ़ते दाम से लोग परेशान

Published: Wed, 28 Oct 2026 03:38 PM (IST)

सब्जियों के लगातार बढ़ते दामों ने हरियाणा में आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है, जिससे लोग महंगाई की मार झेल रहे हैं।

हरियाणा में सब्जियों के बढ़े दामों ने बिगाड़ा रसोई का बजट (फाइल फोटो)

हरियाणा में सब्जियों के बढ़े दामों ने बिगाड़ा रसोई का बजट (फाइल फोटो)


HighLights

  1. सब्जियों के बढ़ते दामों ने आम आदमी का बजट बिगाड़ा।

  2. स्थानीय आवक कम, बाहरी सब्जियों पर निर्भरता से दाम बढ़े।

  3. बारिश और आंधी से फसलों को नुकसान, पैदावार प्रभावित।

संवाद सहयोगी, सीवन। सब्जियों के लगातार बढ़ते दामों ने एक बार फिर आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। पिछले कुछ दिनों में रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली कई सब्जियों के दामों में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली है। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे लोगों पर सब्जियों के बढ़े दामों ने अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।

लोगों का कहना है कि रसोई का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है और अब सामान्य परिवार के लिए रोजाना सब्जी खरीदना भी महंगा साबित हो रहा है।

कुछ दिन पहले तक चीनी के दाम करीब 45 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 70 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए थे। अब सब्जियों के दामों में भी तेजी आने से घरेलू बजट पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। बाजार में कई सब्जियां 10 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम तक महंगी हो गई हैं।

यहाँ सब्जियों के पुराने और नए दामों की व्यवस्थित तालिका (Table) दी गई है:
क्र. सं. सब्जी का नाम पहले के दाम (प्रति किलो) अब के दाम (प्रति किलो)
1 बैंगन ₹30 ₹40
2 पेठा ₹30 ₹40
3 बैंगनी ₹30 ₹40
4 शिमला मिर्च ₹70 ₹80
5 भिंडी ₹40 ₹50
6 अरबी ₹40 ₹60
7 खीरा ₹20 ₹20
8 घीया ₹25 ₹30
9 आलू ₹15 ₹20
10 प्याज ₹50 ₹60 – ₹70
11 टमाटर ₹40 ₹50
12 गोभी ₹60 ₹30
13 हरी मिर्च ₹60 ₹80
14 अदरक ₹100 ₹140

बाहर से आ रही सब्जियां बनीं दाम बढ़ने की वजह

सब्जी विक्रेता बलजीत, गौरव और अशोक ने बताया कि इस समय बाजार में लोकल सब्जियों की आवक कम है। सब्जियां दूसरे क्षेत्रों से मंगवानी पड़ रही हैं। बाहर से सब्जियां आने के कारण परिवहन समेत अन्य खर्च बढ़ जाता है, जिसका असर सीधे खुदरा कीमतों पर पड़ रहा है।

इसके साथ ही बरसात के कारण भी लोकल सब्जी की फसल को नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में स्थानीय स्तर पर सब्जियों की पैदावार कम होने के कारण बाजार में बाहर से आने वाली सब्जियों पर निर्भरता बढ़ गई है। आने वाले समय में जब लोकल सब्जियों की आवक बढ़ेगी तो कीमतों में कुछ कमी आने की उम्मीद है।

पिछले दिनों हुई बरसात से सब्जियों को नुकसान

किसान अंतरजीत सिंह, राजेश रहेजा, जरनैल सिंह, नवदीप सिंह, राजविंदर सिंह और कुलदीप सिंह ने बताया कि बरसात और आंधी के कारण सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचा है।

खीरा, घीया और गोभी जैसी सब्जियों के उत्पादन पर असर दिखाई देने लगा है। किसानों के अनुसार मौसम की मार का प्रभाव आने वाले दिनों में भी देखने को मिल सकता है।

उन्होंने बताया कि इस समय मटर, आलू, मेथी, बैंगन, धनिया, मूली और शलगम सहित कई सब्जियों की बिजाई का काम चल रहा था, लेकिन लगातार हुई बरसात के कारण खेतों में नमी बढ़ने और जमीन तैयार करने में परेशानी आने से बिजाई का काम देरी से हो रहा है। कई किसानों को बारिश के कारण खराब हुई फसलों को दोबारा लगाना पड़ा है, जिससे उनकी लागत और मेहनत दोनों बढ़ गई हैं।