विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हरियाणा में चीनी के दाम सातवें आसमान पर, 6240 रुपये प्रति क्विंटल पहुंचा भाव; एक महीने में ₹1840 की बढ़ोतरी

Published: Thu, 20 Aug 2026 01:02 PM (IST)

हरियाणा में चीनी के दाम एक महीने में ₹1840 प्रति क्विंटल बढ़कर ₹6240 हो गए हैं, जिससे खुदरा मूल्य ₹65 प्रति किलो तक पहुंच गया है।

बढ़ते दामों ने घटाई चीनी की मिठास, त्योहारों से पहले बढ़ी लोगों की चिंता (जागरण फोटो)

बढ़ते दामों ने घटाई चीनी की मिठास, त्योहारों से पहले बढ़ी लोगों की चिंता (जागरण फोटो)

HighLights

  1. चीनी के थोक दाम एक माह में ₹1840 बढ़े

  2. खुदरा में चीनी ₹65 प्रति किलो तक पहुंची

  3. त्योहारों से पहले बढ़ी लोगों और मिठाई कारोबारियों की चिंता

जागरण संवाददाता, सीवन। पिछले एक माह से चीनी के रेट लगातार बढ़ रहे हैं। एक माह पहले चीनी के रेट 4400 रुपए प्रति क्विंटल थे, अब थोक में 6240 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा है। छोटे दुकानदार 64 से 65 रुपए प्रति एक किलोग्राम के हिसाब से बेच रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से चीनी के ग्राहक भी कम आ रहे हैं। कैथल के मुख्य बाजार के दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक कम आ रहे हैं।

महंगाई के इस दौर में चीनी के बढ़ते दामों ने घर-घर का बजट बिगाड़ दिया है। त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन से पहले चीनी की कीमतों में आई अचानक तेजी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

जो चीनी कुछ दिन पहले तक 50 से 52 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, वह अब 65 से 67 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। करीब एक सप्ताह में 15 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं के साथ-साथ मिठाई कारोबारियों की भी चिंता बढ़ा दी है।

पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों से भी परेशान लोग

रसोई का अहम हिस्सा मानी जाने वाली चीनी के दाम बढ़ने से हर घर का मासिक बजट प्रभावित हो रहा है। पहले से ही रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल, दाल, सब्जियों और अन्य जरूरी वस्तुओं के बढ़े हुए दामों से जूझ रहे परिवारों के लिए यह नई महंगाई एक और परेशानी बन गई है।

स्थानीय उपभोक्ताओं विक्की, अशोक, मनोज, विजय, जितेंद्र, शालिनी, ममता, रोजी, रितु, दीपिका और शिल्पा ने बताया कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण घरेलू खर्चों को संतुलित करना कठिन होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ रहा है।

मिठाई की कीमतों पर पड़ेगा प्रभाव

हर महीने की सीमित आय में बच्चों की पढ़ाई, बिजली-पानी के बिल और अन्य खर्चों के बीच रसोई का बजट संभालना चुनौती बनता जा रहा है। चीनी के दाम बढ़ने का असर केवल घरों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन में मिठाइयों की कीमतों पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ सकता है।

मिठाई बनाने में चीनी का प्रमुख रूप से उपयोग होता है, ऐसे में इसकी लागत बढ़ने से मिठाइयों के दामों में भी वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है। दुकानदारों का कहना है कि यदि चीनी के दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो त्योहारों के दौरान ग्राहकों को मिठाइयों के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि रक्षाबंधन, तीज, जन्माष्टमी, गणेश उत्सव, नवरात्र और दीपावली जैसे त्योहारों में चीनी की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में कीमतों में तेजी से आम उपभोक्ता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। लोगों का मानना है कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर प्रभावी निगरानी रखी जानी चाहिए, ताकि अचानक होने वाली मूल्य वृद्धि पर नियंत्रण पाया जा सके।

उपभोक्ताओं ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि आवश्यक खाद्य वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाई जाए। लोगों ने उम्मीद जताई कि त्योहारों से पहले महंगाई पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे, ताकि आम जनता की रसोई की मिठास बनी रहे और त्योहारों की खुशियों पर महंगाई का असर न पड़े।