हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, कैथल में बिजली-पानी आपूर्ति बहाल; जनजीवन हुआ सामान्य
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने के बाद हरियाणा में बिजली और पानी की आपूर्ति सामान्य हो गई है, जिससे लोगों को राहत मिली है।

हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म (फाइल फोटो)
HighLights
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त, हरियाणा में आपूर्ति सामान्य हुई।
कैथल की राइस इंडस्ट्री को हड़ताल से भारी नुकसान हुआ।
लोगों ने जनरेटर और नहर के पानी से काम चलाया।
जागरण संवाददाता, कैथल। प्रदेश में बिजली कर्मचारियों ने गुरुग्राम-नूंह में निजी कंपनी का बिजली आपूर्ति का लाइसेंस रद्द करने के ठोस आश्वासन के बाद हड़ताल आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गई है, जिससे राज्य भर में ठप पड़ी बिजली और पानी की आपूर्ति रात को ही सामान्य हो गई।
बिजली और पानी की आपूर्ति होने से लोगों ने राहत की सांस ली। हड़ताल के कारण बिजली और पेयजल की सप्लाई न होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
लोगों ने जनरेटर चलाकर काम चलाया। दो दिन इंडस्ट्री, स्कूल, व्यापारिक प्रतिष्ठान और घरों में जनरेटर चलाकर काम चलाया। दोनों दिनों में करीब दो करोड़ का अतिरिक्त डीजल फूंक दिया। बिजली आने के साथ ही बंद पड़े वाटर पंपिंग स्टेशन भी चालू हो गए हैं, जिससे पानी की किल्लत दूर हो रही है।
बिजली से संबंधित एक हजार शिकायतें आईं, सभी का निवारण
हड़ताल के दौरान शुक्रवार शाम तक एक हजार के करीब बिजली न आने की शिकायतें आईं। हड़ताल खुलते ही रात को कर्मचारी डयूटी पर पहुंच गए। कर्मचारियों जो फाल्ट थे, वे ठीक किए, रात को जींद रोड और करनाल रोड पर लाइट बहाल हो गई थी, साढ़े 11बजे तक शहर के सभी सेक्टर और कॉलोनियों में लाइट आ गई थी।
लाइट पर रात को ही लोगों ने मोटरें चलाकर अपनी-अपनी पानी की टंकियां भरी, इससे बड़ी राहत मिली। दो दिनों से लोग ने न तो कपड़ों की धुलाई कर पाए और इन्वर्टर भी जबाव दे गए, जिन लोगों के घरों में मच्छर ज्यादा थे, उन्हें बाहर बैठकर रात काटनी पड़ी। शहर में जो हैंडपंप चल रहे थे, वहां से पानी लाना पड़ा।
नहाने के लिए लोग नहर से भी ड्रम पानी के भरकर लाए। रात को बिजली की सप्लाई शुरू होते ही जहां संभव हो सका, पानी की भी सप्लाई दी। सुबह भी तीन चार घंटे पानी की सप्लाई हुई। इससे लोगों को बड़ी राहत मिली।
राइस इंडस्ट्री को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ
ब्लैकआउट की वजह से औद्योगिक इलाकों में फैक्ट्रियां ठप होने से उद्योगों को करोड़ों रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा। जो अब काम शुरू होने से पटरी पर लौट रहा है।
जिले में 150 से ज्यादा राइस मिलर्स हैं। हरियाणा राइस मिलर्स एंड डीलर्स के जिला प्रधान तरसेम गोयल ने बताया कि राइस मिलर्स को हड़ताल का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।
बिजली जाने से जो धान एस्टीम करना और सुखाना था, इसकी प्रक्रिया अधर में लटक गई और वह खराब हो गया, दो दिनों तक राइस मिलों में लेबर खाली बैठी रही, बिजली जाने से मजदूरों को पेयजल भी दिक्कत हुई।
मंडियों में धान खरीद भी प्रभावित रही। हड़ताल के कारण राइस मिलर्स मंडियों में कम आए और बारिक धान का रेट भी 200 से 300 रुपए प्रति क्विंटल कम मिला। शहर जो बड़े शिक्षण संस्थान हैं, इनमें जनरेटर का एक दिन में डीजल का खर्च 30 से 35 हजार रुपए आया।
शहर में जनरेटर की डिमांड बहुत ज्यादा बढ़ गई थी, किसी टेंट और दुकानदार के पास जनरेटर नहीं बचा, सभी किराए पर चढ़ गए थे। राजू टेंट हाऊस के संचालक राजू डोहर ने बताया कि जनरेट की इतनी डिमांड पहले कभी नहीं देखी।
दुसैन के लोगों ने रात को करनाल- कैथल रोड पर लगाया जाम
संस, जागरण, पूंडरी: गांव दुसैन में बिजली आपूर्ति बहाल न होने से नाराज ग्रामीणों ने बुधवार रात को कैथल-करनाल रोड पर जाम लगा दिया। ग्रामीण शाम को रसीना बिजली घर पहुंचे और बिजली विभाग के अधिकारियों से गांव में कुछ समय के लिए बिजली सप्लाई शुरू करने की गुहार लगाई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को बिजली आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों के अनुसार बिजली सप्लाई शुरू नहीं हुई, जिससे उनका गुस्सा फूट पड़ा। इसके बाद ग्रामीणों ने कैथल-करनाल रोड पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को जल्द गांव में बिजली आपूर्ति बहाल करवाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
ग्रामीणों ने बताया कि जाम करीब एक घंटे तक लगा रहा। हालांकि, रात करीब नौ बजे तक भी गांव में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई थी। इससे ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति रोष बना रहा।
