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कैथल में शिक्षा विभाग की सख्ती, अप्रैल तक 592 सरकारी स्कूलों का होगा निरीक्षण; चार अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

Published: Wed, 25 Mar 2026 01:59 PM (GMT+05:30)

शिक्षा विभाग कैथल में सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अप्रैल तक सभी 592 स्कूलों ...और पढ़ें

अप्रैल तक कैथल के सभी 592 स्कूलों का निरीक्षण। फाइल फोटो

अप्रैल तक कैथल के सभी 592 स्कूलों का निरीक्षण। फाइल फोटो

HighLights

  1. अप्रैल तक कैथल के सभी 592 स्कूलों का निरीक्षण

  2. चार अधिकारियों को 148-148 स्कूलों की जिम्मेदारी

  3. गुणवत्ता, सुविधाओं और साफ-सफाई पर विशेष जोर

राजिंद्र तंवर, कैथल। शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता व मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करने के लिए कमर कस ली है। विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में जिला व खंड स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अप्रैल तक जिले के सभी 592 सरकारी स्कूलों का निरीक्षण हर हाल में पूरा किया जाए।

विभाग ने इस कार्य के लिए चार अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है, जिनमें जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार, उप जिला शिक्षा अधिकारी जय भगवान और डीपीसी राजेंद्र आजाद शामिल हैं। प्रत्येक अधिकारी को 148-148 स्कूल आवंटित किए गए हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रमोद राणा व डीपीसी राजेंद्र आजाद ने बताया कि विभागीय निर्देशों के अनुसार पिछले कई दिनों से लगातार स्कूलों का दौरा किया जा रहा है। अब तक अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर करीब 70 स्कूलों का निरीक्षण किया जा चुका है। इनमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रामगढ़ पाडवा, राजकीय प्राथमिक विद्यालय नरवल, मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल पाडला, राजकीय कन्या विद्यालय पाडला, राजकीय विद्यालय दीवाल, राजकीय प्राथमिक विद्यालय चंदाना, राजकीय प्राइमरी स्कूल खरक पांडवा, राजकीय स्कूल पिंजूपुरा, सहित कई स्कूल शामिल हैं।

निरीक्षण के दौरान स्कूल भवन, मिड-डे मील की गुणवत्ता, शौचालय, स्वच्छ पेयजल, बिजली, आईसीटी लैब, विज्ञान प्रयोगशाला और पुस्तकालय जैसी व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की जा रही है। बता दें, डीसी अपराजिता भी लगातार विभिन्न स्कूलों का दौरा कर रही हैं। वे मौके पर व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के साथ-साथ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रही हैं। साथ ही बच्चों से बातचीत कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुन रही हैं।

शिक्षा विभाग ने खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) और स्कूल मुखियाओं को निर्देश दिए हैं कि वे विभाग द्वारा निर्धारित सभी मानकों को समय रहते दुरुस्त रखें। जहां भी कोई कमी हो, उसे तुरंत ठीक कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।

निरीक्षण के दौरान सात प्रमुख बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इनमें अलग-अलग व स्वच्छ शौचालय, पेयजल, मिड-डे मील की गुणवत्ता, कंप्यूटर-स्मार्ट बोर्ड-इंटरनेट जैसी डिजिटल सुविधाएं, प्रयोगशालाओं की कार्यशीलता, पुस्तकालय व शिक्षण सामग्री का उपयोग और परिसर की साफ-सफाई शामिल हैं। सभी निरीक्षणों को आनलाइन दर्ज करना और कमियों पर समयबद्ध कार्रवाई रिपोर्ट देना भी अनिवार्य किया गया है। विभाग का मानना है कि इस सख्त व्यवस्था से स्कूलों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।