यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भगवान श्रीकृष्ण के बचपन की लीलाओं का किया बखान
जागरण संवाददाता, कैथल: शनिवार का कैथल की नई अनाज में गणेश उत्सव के नौवें दिन श्रीमद् भाग

जागरण संवाददाता, कैथल: शनिवार का कैथल की नई अनाज में गणेश उत्सव के नौवें दिन श्रीमद् भागवत पुराण कथा के पांचवें दिन कथा वाचक अर¨वद शास्त्री ने भगवान श्री कृष्ण की बचपन की लीलाओं का बखान किया। उन्होंने बताया कि भगवान श्री कृष्ण ने बचपन में पुतना राक्षसी का वध किया। उसके कंस द्वारा भेजे गए संकटासुर सहित अनेक राक्षसों को मारा। बच्चों के संग खेलते हुए उन्होंने गेंद को कैसे जमुना नदी में गिरा दिया और उनके साथ खेलने वाले बालकों द्वारा गेंद लाने की जिद करने पर नदी में खुद कर लोगों को काली नाग से मुक्ति दिलवाई थी।
यहां तक कि मुख में पूरी पृथ्वी दिखा देने, न जाने कितने मायावियों, राक्षसों का संहार कर देने के बाद भी मां यशोदा के लिए घुटनों के बल चलने वाले लल्ला ही हैं। कृष्ण के व्यक्तित्व के अनेक पहलू हैं। वे मां के सामने रूठने की लीलाएं करने वाले बालकृष्ण हैं तो अर्जुन को गीता का ज्ञान देने वाले योगेश्वर कृष्ण। इस व्यक्तित्व का सर्वाधिक आकर्षक पहलू दूसरे के निर्णयों का सम्मान है। कृष्ण के मन में सबका सम्मान है। वे मानते हैं कि सभी को अपने अनुसार जीने का अधिकार है। अपनी बहन के संबंध में लिए गए अपने दाऊ (बलराम) के उस निर्णय का उन्होंने प्रतिकार किया, जब दाऊ ने यह तय कर लिया कि वह बहन सुभद्रा का विवाह अपने प्रिय शिष्य दुर्योधन के साथ करेंगे। तब कृष्ण ही ऐसा कह सकते कि स्वयंवर न आपका है न मेरा, तो हम कौन होते हैं सुभद्रा के संबंध में फैसला लेने वाले। समझाने के बाद भी जब दाऊ नहीं माने तो इतने पूर्ण कृष्ण ही हो सकते हैं कि बहन को अपने प्रेमी के साथ भागने के लिए कहा। राजसूय यज्ञ में पत्तल उठाने वाले, अपने रथ के घोड़ों की स्वयं सुश्रूषा करने वाले कान्हा के लिए कोई भी कर्म निषिद्ध नहीं है।
अर¨वद शास्त्री ने कहा कि उनके इन कार्यो से संदेश जाता है कि आम लोगों को अपना कार्य स्वयं करना चाहिए। उधर गणेश उत्सव पर आज आढ़ती विजय ¨सगला ने मुख्य अतिथि के रूप में पूजा करवाई तो आढ़ती कृष्ण बाबा लदाना वाले ने भक्तों को प्रसाद की सेवा दी। आचार्य हरि नारायण शर्मा बरोट ने पूजा अर्चना करवा कर सहयोग दिया। इस अवसर पर समिति के चेयरमैन एडवोकेट मन मोहन गर्ग, प्रधान कृष्ण गर्ग, उप प्रधान राम नारायण, पवन बंसल, सुरेश बालू, संजीव शर्मा, पवन सिरटा, सुरेश गर्ग आदि अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। समिति के सदस्यों ने बताया कथा का आयोजन चार सितंबर तक की जाएगी।
