जागरण संवाददाता, कैथल : नई अनाज मंडी में धान की फसल लेकर किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गेट पास को लेकर किसानों को दिक्कत आ रही है। किसानों को पीआर धान के भाव कम मिल रहे हैं, जबकि नजदीकी अन्य मंडियों जैसे चीका, ढांड, पिहोवा में न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी अधिक भाव पर फसल बिक रही है। किसान मलकान सिंह, कृष्ण ने बताया कि किसानों द्वारा कैथल अनाज मंडी के आढ़तियों से कर्ज लिया हुआ है और इसी कर्ज को उतारने के लिए किसान को कम भाव पर अपनी फसल बेचनी पड़ रही है। इस मंडी में उनकी फसल मिट्टी के भाव बिक रही है। इसका मुख्य कारण कम मिल मालिक खरीद कर रहे है, जबकि पड़ोस की सभी मंडियों में यही धान अच्छे भाव मिल रहे हैं।

किसानों ने कहा कि विधायक लीला राम ने मंडी में खरीद करने के लिए बाहर के राइस मिल मालिकों को बुलाकर खरीद के निर्देश अधिकारियों को दिए थे, लेकिन स्थानीय मिलरों की मिलीभगत से उन्हें मंडी में आने से रोका जा रहा है।

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गेट पास को लेकर आ रही दिक्कत

नई अनाज मंडी में किसानों को गेट पास को लेकर दिक्कत आ रही है। कुछ आढ़तियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया की मार्केट कमेटी द्वारा नई मंडी में दो तथा तीसरी मंडी में भी दो कर्मचारी गेट पास काटने के लिए बैठाए गए हैं, लेकिन भीड़ के कारण कमेटी के कुछ कर्मचारी कमेटी के अंदर भी गेट पास काट रहे हैं। आढ़तियों ने बताया कि सरकार द्वारा भेजे गए शेडूयल से अलग आढ़तियों को 25 प्रतिशत फसल अपने अनुसार मंगवाने के आदेश सरकार ने दिए हैं, लेकिन उसके गेट पास नहीं काटे जा रहे। गेट पास में गोलमाल हो रहा है। इसकी जांच होनी चाहिए, ताकि किसानों को कोई दिक्कत न आए। किसानों और आढ़तियों ने कहा कि 72 घंटे में खरीदा गया धान का भुगतान करना होता है, लेकिन इतने दिन बीतने के बावजूद धान का भुगतान नहीं हुआ है। किसानों ने बताया कि रविवार के दिन मार्केट कमेटी कार्यालय सुनसान पड़ा रहा है। कर्मचारी और अधिकारी छुट्टी मनाते हैं और किसान मंडी में परेशान रहते हैं।

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