रोहतक, [विनीत तोमर]। जिले में अब तक स्‍थानीय अपराधी गिराेहों ने कोहराम मचा रखा था और लोगों व पुलिस की नाक में दम कर रखा था। बदमाशों गुटों में आपसी रंजिश के कारण गैंगवार हाेते रहते थे और सरेआम हो रहे खून खराबा से जनता में दहशत थी। लेकिन, पिछले कुछ दिनों से जिले में अंतरराष्ट्रीय गिरोह समेत दो नए गैंग ने दस्तक दे दी है। अंतरराष्ट्रीय गैंग में अरबियन और नाइजीरियन समेत कुछ स्थानीय सदस्य भी शामिल है। इस गैंग के सदस्‍य फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर वारदातों को अंजाम दे रहा है। खास बात यह है कि दोनों ही गैंग के निशाने पर व्यापारी हैं।

अब तक स्थानीय गैंग ही पुलिस के लिए काफी समय से सिरदर्द बने हुए थे, लेकिन पिछले कुछ दिनों से विदेशियों का नया गैंग सामने आ गया है। जो लगातार वारदात कर रहा है। इस गैंग का तरीका बिल्कुल अलग है। यह गैंग व्यापारियों को निशाना बना रहा है। इसके सदस्‍य दुकान पर पहुंचने के बाद व्यापारी को झांसे में लेकर उससे भारतीय करेंसी देखने की बात कहता है। या फिर तर्क देता है कि वह टूरिस्ट है और उनके पास भारतीय करेंसी नहीं है, जिस कारण परेशानी हो रही है।

टूरिस्ट होने के नाते पीड़ित व्यक्ति भी उनकी मदद के लिए तैयार हो जाता है। बातों ही बातों में या तो व्यापारी से रुपये ठग लेते हैं या फिर मौके मिलते ही रुपये चोरी कर लेते हैं। यह गैंग अभी तक कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है। पुलिस भी इस गैंग के पीछे लगी है, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल रही। इसके अलावा तीन दिन पहला एक नया गैंग और सामने आ गया।

दूसरे गैंग‍के बदमाश पुलिस अधिकारी या फिर सीबीआइ अधिकारी बनकर व्यापारियों को निशाना बनाता है। गैंग के सदस्य पूरी साजिश रचकर घटना को अंजाम देते हैं। तीन दिन पहले रेलवे रोड पर एक सर्राफ उनका शिकार होने से बाल-बाल बच गया था। नए गैंग की दस्तक के बाद पुलिस की भी नींद उड़ी हुई है। पुलिस नहीं समझ पा रही कि आखिर इन पर लगाम कैसे लगाएं। कौन बनेगा अधिकारी और कौन कर्मचारी, पहले ही हो जाता है तय

पुलिस के अनुसार, फर्जी पुलिस के गैंग में करीब पांच लोग है, जो पहले से ही तय कर लेते हैं कि कौन पुलिस अधिकारी बनेगा और कौन कर्मचारी बनकर व्यापारी को बुलाकर लाएगा।  विदेशी गैंग की पहली घटना पिछले माह पुराना शुगर मिल क्षेत्र में सामने आयी थी। कार सवार दो विदेशी व्यक्ति हार्डवेयर व्यापारी राजेश जैन की दुकान पर पहुंचे। उन्होंने खुद को टूरिस्ट बताया और व्यापारी से कहा कि उनकी करेंसी नहीं बदली जा रही है। जिस वजह से परेशानी हो रही है। एक व्यक्ति विदेशी भाषा में बात कर रहा था, जबकि दूसरा अंग्रेजी बोल रहा था। वे व्यापारियों को बातों में उलझाकर 34 हजार रुपये ठग लिए थे और वहां से फरार हो गए।

इसके बाद विदेशी गैंग ने सांपला के कंसाला में दूसरी घटना को अंजाम दिया। 3 सितंबर को रेत व रोड़ी की दुकान करने वाले आजाद सिंह के पास तीन विदेशी पहुंचे। विदेशियों ने कहा कि उन्होंने भारतीय करेंसी नहीं देखी है, जिस पर व्यापारी ने उन्हें भारतीय करेंसी दिखा दी। इसी बीच व्यापारी को झांसा देकर उन्‍होंने उसके बैग से 52 हजार रुपये चोरी कर लिए।

तीन दिन पहले रेलवे रोड पर एक सर्राफ ज्वेलरी लेकर जा रहा था। तभी फर्जी पुलिस के गिरोह ने उसे निशाना बनाने की कोशिश की। एक युवक सर्राफ के पास पहुंचा और तर्क दिया कि अगले चौराहे पर उनके अधिकारी बुला रहे हैं। कुछ दूर तक सर्राफ उनके साथ चल भी दिया था, लेकिन शक होने पर उनका आइडीकार्ड मांगा, तब जाकर आरोपित वहां से फरार हो गए। 

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'' इन घटनाओं को लेकर पुलिस की टीम लगी हुई है। काफी अहम सुराग हाथ लगे हैं। जल्दी ही घटनाओं का खुलासा कर आरोपितों को पकड़ लिया जाएगा।

                                                                                               - जश्नदीप सिंह रंधावा, एसपी रोहतक।