जागरण संवाददाता, कैथल : कोरोना वायरस का जिले में अभी तक कोई भी पॉजिटिव केस नहीं आया है, जो कि राहत की बात है। अब तक आइसोलेशन वार्ड में रखे गए 22 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद घर भेजा गया है। रविवार को चार नए केस आए हैं, एक युवक शनिवार को आइसोलेशन में दाखिल हुआ था। कुल पांच युवकों को रखा गया है। इनमें एक युवक विदेश से आया है, तो चार युवक लोकल हैं, जिन्हें कोरोना महामारी के लक्षणों की आशंका पर अस्पताल दाखिल किया है।

जिला नागरिक अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. राकेश सहल ने बताया कि अस्पताल में 100 बेडों का वार्ड बनाया गया है। गुहला सिविल अस्पताल में भी अलग से वार्ड है। इसके अलावा सिग्नस और शाह अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड और वेंटिलेटर की सुविधा भी है। कुल 11 वेंटिलेटर रखे गए हैं। विभाग पूरी तरह से अलर्ट है, अस्पताल में खांसी, जुकाम और बुखार की शिकायत के लिए आने वाले लोगों की जांच फ्लू कॉर्नर में की जा रही है। ज्यादा दिक्कत वाले मरीजों के खून के सैंपल लेकर जांच की जाती है।

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सड़कों पर सन्नाटा, घरों में लोग

कोरोना को हराने के लिए लगाए गए लॉक डाउन के पांचवें दिन रविवार को असर दिखाई दिया। लोग घरों में रहे, जिसने नियम तोड़ने उनके खिलाफ पुलिस ने सख्ती दिखाई। कई युवकों को हिरासत में भी लिया गया तो कई युवकों को मुर्गा बनाया गया। कई जगह नाका लगाकर पुलिस ने चालान किए। शहर में केवल राशन, दवाई, सब्जी, पेट्रोल पंप की दुकानें ही खुली रही। सड़कों पर इक्का-दुक्का वाहन ही नजर आएं। पुलिस ने सड़क से निकल रहे वाहन चालकों की चेकिग कर ही आगे भेजा गया। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी पुलिस सख्ती बरत रही है। पुलिस कई लोगों के खिलाफ एफआइआर भी दर्ज की है। एसपी शशांक कुमार सावन ने कहा कि कोरोना महामारी से बचाव को लेकर सरकार की तरफ से लगाए गए लॉक डाउन का सभी पालन करें। महामारी से बचाव का एक मात्र यही तरीका है। अगर कोई ऐसा करने में लापरवाही बरत रहा है तो पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी। सभी थाना और चौकियों के प्रभारियों को पेट्रोलिग करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

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गायिनी वार्ड में बरती जा रही विशेष सावधानी

जिला नागरिक अस्पताल के गायिनी वार्ड, इमरजेंसी और जनरल वार्ड में कार्यरत स्टाफ की तरफ से विशेष सुविधाएं बरती जा रही हैं। मरीजों के साथ आए अभिभावकों को दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। मरीज के साथ एक से ज्यादा व्यक्ति या महिला को नहीं बैठने दिया जा रहा है। हाथों की साफ-सफाई के लिए साबुन शौचालयों में रखी गई है। मरीज की स्थिति ज्यादा गंभीर होने पर ही दाखिल किया जा रहा है।

Posted By: Jagran

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