जागरण संवाददाता, कैथल : बृहस्पतिवार को मौसम की करवट के बाद बूंदाबादी हुई। इसका असर गेहूं बिजाई के कार्य पर पड़ है। मौसम को देखते हुए किसानों ने फिलहाल गेहूं बिजाई का कार्य रोक दिया है। मौसम विज्ञानियों ने शुक्रवार 8 नवंबर को भी बरसात होने की संभावना जताई है। कौल कृषि विज्ञान केंद्र में कार्यरत बलबीर सिंह ने बताया कि मौसम की करवट के बाद अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है।

वहीं कई दिनों से आसमान में छाए स्मॉग के चलते लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। खासकर बीमार लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा था। बूंदाबांदी के बाद मौसम साफ होने से लोगों को राहत मिली है।

कृषि विभाग कैथल के विज्ञानियों ने बताया कि 1 लाख 50 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई होगी। अब तक 30 प्रतिशत का कार्य पूरा हो चुका है। इस बूंदाबांदी के चलते गेहूं बिजाई का कार्य रुका है। किसानों को मौसम साफ होने के बाद ही गेहूं बिजाई का कार्य शुरू करना चाहिए।

किसान रामकुमार, सतबीर, मियां सिंह व मुकेश कुमार ने बताया कि बूंदाबांदी से गेहूं की बिजाई का काम भी प्रभावित होता नजर रहा है। कुछ किसान जिनका धान की फसल का कार्य अभी भी पूरा नहीं हुआ है, उन्हें भी धान की फसल को सहेजने में गेहूं बिजाई में कुछ वक्त और इंतजार करना पड़ेगा।

बूंदाबांदी से एक दो दिन पूर्व की हुई गेहूं की बिजाई को भी नुकसान हो सकता है। वहीं दूसरी तरफ बृहस्पतिवार सुबह बूंदाबांदी के साथ शीत हवाओं के चलने से ठंड बढ़ गई है। अब बाजारों में गर्म कपड़ों की डिमांड बढ़ने लगी है। शहर के मुख्य मार्गों पर मुंगफली बेचने वालों ने स्टॉल लगाने शुरू कर दिए हैं।

Posted By: Jagran

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