जागरण संवाददाता, कैथल: नगर परिषद की अस्थायी सरकार अब एक्शन मोड में आ गई है। पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति के समय में हुए कामों की जांच के साथ अब उस दौरान लगाए गए कर्मचारियों पर शामत आ गया है।

ठेकेदार के माध्यम से आउटसोर्सिंग के तहत लगे नौ कर्मचारियों को कार्यकारी प्रधान डॉ.पवन थरेजा ने घर का रास्ता दिखा दिया है। इन कर्मचारियों की कार्यशैली की शिकायतें कई दिन से आ रही थीं, लेकिन लचर व्यवस्था के चलते इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब से नगरपरिषद में उठापटक और सत्ता की चाबी 21 पार्षदों के खेमे के पास पहुंची है, कार्यालय में घमासान की स्थिति है।

खासतौर पर तीन दिन से यह पार्षद एक के बाद एक कार्रवाई को अंजाम दे रहे हैं। हालांकि कार्यकारी प्रधान का कहना है कि हटाए गए कर्मचारियों के काम अगर संबंधित वार्डों के पार्षद सही करार देंगे तो उनकी वापसी भी संभव है। बहरहाल वे हटाए जा चुके हैं।

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हर काम पर कमेटी

वार्डों में काम नहीं होने की शिकायत करने वाले पार्षदों और काम की पेमेंट नहीं होने वाले ठेकेदारों की समस्या को खत्म करने के लिए चार पार्षदों की एक कमेटी का गठन किया गया है। इसमें वार्ड नंबर दो के पार्षद विनोद सोनी, 18 की पार्षद रेखा ¨सगला, वार्ड नंबर 26 की पार्षद संतोष भोला और वार्ड नंबर 28 के पार्षद मोहन लाल शर्मा शामिल हैं। वार्डों में जाकर यह पार्षद विकास कार्यों की जांच करेंगे। जब तक यह कमेटी वार्डों में विकास की गुणवत्ता, पार्षद की स्वीकृति और बिलों की जांच करके अपनी रिपोर्ट नहीं दे देगी, संबंधित ठेकेदार को पेमेंट नहीं की जाएगी। ऐसा करके कार्यकारी प्रधान ने अपने सिर से वित्तीय मामलों का भार भी कम कर दिया है।

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20 तक जलेगी शहर की बत्ती

शहर में स्ट्रीट लाइट की बड़ी समस्या है। मुख्य सड़कों पर लगी लाइटें ज्यादातर बंद रहती हैं, वार्डों में तो स्थिति और भी खराब रही। पार्षदों ने मी¨टग में ठेकेदार को सवा दो लाख रुपये की पेमेंट का चेक देते हुए 20 सितंबर तक वार्डों की लाइटों को दुरुस्त करने का अल्टीमेटम दिया है। कार्यकारी प्रधान ने कहा कि इसके बाद पेमेंट तब की जाएगी, जब संबंधित वार्ड का पार्षद लिखित में इसकी सिफारिश करेगा।

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ठेकेदार पड़ रहे भारी

बैठक में बुधवार को भी कार्यकारी प्रधान और पार्षदों ने सफाई कर्मचारियों को रखने वाले ठेकेदार को बुलाया था, लेकिन वह भी नहीं पहुंचा। करीब पौने घंटे तक वे इंतजार करते रहे। इसके बाद ठेकेदार ने उनका फोन भी नहीं उठाया।

Posted By: Jagran

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