संवाद सहयोगी, गुहला-चीका : गुरु मर्यादा के अनुसार मानवता की सेवा के लिए गुरुघर में दान से ही सारा निर्माण कार्य व लंगर का कार्य व अन्य जनसेवा के कार्य चलते हैं। यह कार्य संगत के दान से ही चल रहे है। स्कूल, कालेज, यूनिवर्सिटी, मेडिकल सेंटर, डिस्पेंसरियों के लिए पूरे विश्व से कोई भी व्यक्ति अपनी नेक कमाई में से दान दे सकता है। श्रद्धा के साथ किए दान की सेवा गुरुघर में मंजूर होती है, लेकिन मानवता के हत्यारों का पैसा किसी भी रूप में मान्य नहीं है। यह बातें प्रेस को जारी एक बयान में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल ने कही।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सिखों की एक संस्था है। संस्था की तरफ से मानवता की सेवा के लिए कार्य करने की वह प्रशंसा करते हैं, लेकिन संस्था के वर्तमान प्रधान मनजिन्द्र सिंह सिरसा द्वारा 1984 में सिख हत्याकांड में संदिग्ध भूमिका निभाने वाले अमिताभ बच्चन द्वारा दिए गए दो करोड़ रुपये के दान को किसी भी तरह मंजूर नहीं किया जाना चाहिए था। क्योंकि इस व्यक्ति ने सिख हत्याकांड में ऐसा बयान दिया था जो किसी भी तरह से सिखों के हित में नहीं कहा जा सकता।

दादूवाल ने कहा कि ऐसा करके मनजिद्र सिंह सिरसा ने अमिताभ बच्चन को क्लीन चिट दे दी है, जिसे किसी भी कीमत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये का फंड देकर अमिताभ बच्चन अपने उस पाप को नहीं धो सकते जो उन्होंने 1984 में सिख हत्याकांड के वक्त किया था। अमिताभ बच्चन के उस बयान ने दंगों को भड़काने का काम किया था। जत्थेदार दादूवाल ने कहा कि समय रहते मनजिद्र सिंह सिरसा को यह राशि वापस देकर समूचे सिख पंथ से माफी मांगनी चाहिए। यदि ऐसा न किया गया तो उसे देश-विदेश में हर जगह सिख संगतों के विरोध के लिए तैयार रहना चाहिए।

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