जागरण संवाददाता, कैथल: डीसी सुजान सिंह ने कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत जिन भी पीड़ितों की शिकायत दर्ज होती है तो उन्हें तुरंत कानून के तहत दी जाने वाली राहत राशि देना सुनिश्चित करें। पुलिस एफआइआर दर्ज करते ही कल्याण विभाग को सूचित करे ताकि संबंधित व्यक्ति को सहायता राशि जल्द मुहैया करवाई जा सके। इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए। डीसी लघु सचिवालय में अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार निवारण अधिनियम-1989) की जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी कमेटी की बैठक ले रहे थे।

उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि इस अधिनियम के तहत एफआइआर दर्ज होते ही तुरंत उसकी सूचना कल्याण विभाग को दें। इस अधिनियम के तहत अगर किसी प्रताड़ित करने वाले व्यक्ति का चालान होता है तो उसकी सूचना भी अविलंब देना सुनिश्चित करें ताकि संबंधित प्रताड़ित को सहायता राशि की दूसरी किस्त भी दी जा सके। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के साथ अगर अन्याय होता है तो कानून के दायरे में रहकर जरूरी कार्रवाई करें। इस अवसर पर एडीसी सतबीर सिंह कुंडू, जिला न्यायवादी इंद्रदीप, डीएसपी राज सिंह, जिला कल्याण अधिकारी सीमा रानी, जिला बाल कल्याण अधिकारी राजेंद्र बहल, प्राचार्य ऋषि पाल बेदी, श्याम लाल कल्याण, एडवोकेट धर्मवीर भोला, ओपी मडाढ मौजूद रहे।

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