जागरण संवाददाता, कैथल : दी पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन ने कोरोना महामारी से लोगों को बचाने में लगे पटवारी और कानूनगो को भी फ्रंट लाइन कोरोना वारियर्स घोषित करने और जान गंवाने वाले कर्मचारियों के आश्रितों को वित्तीय सहायता देने की मांग की है।

एसोसिएशन ने मंगलवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को भेजे ज्ञापन में ये मांग उठाई है। एसोसिएशन के स्टेट प्रधान जयबीर चहल और महासचिव दिलबाग सिंह ने कहा कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से लोगों को बचाने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की तर्ज पर पटवारी भी दिन रात फ्रंट लाइन कोरोना वारियर्स की ड्यूटी कर रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से कंटेनमेंट जोन बनाने, अस्थायी हेल्थ सेंटर बनाने, कोरोना मरीजों की पहचान होने के बाद उनके घर या आसपास के लोगों की डिटेल लेकर सरकार को रिपोर्ट करने जैसे कार्य करने, गांव के लोगों को बीमारी से बचाव बारे जागरूक करने, दवाई व जरूरतमंदों के खाने की व्यवस्था करने का अतिरिक्त कार्य कर रहे हैं। जिला प्रशासन या सरकार की तरफ से पटवारियों को मास्क या सैनिटाइजर तक भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। पटवारी अपने खर्च पर अपना बचाव कर रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर से बचाने में भी पटवारी जिला प्रशासन की रीढ़ की हड्डी बनकर काम कर रहे हैं। बावजूद इसके पटवरियो व कानूनगो को कोई सुविधा नहीं मिल रही। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश सरकार पटवारियों को फ्रंट लाइन कोरोना वारियर्स घोषित करे, कोरोना पीड़ित होने पर सरकार इलाज के खर्च की व्यवस्था करें। कोरोना ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पटवारी के आश्रितों को वित्तीय सहायता देने व परिवार के सदस्य को नौकरी देने की सुविधा दी जाए।

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