जागरण संवाददाता, कैथल : नए साल और सरकार की जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा नहीं पहुंचे तो नवनियुक्त डीसी सुजान सिंह ने कमान संभाली। एजेंडे की पहली शिकायत से उन्होंने अफसरों को ताने रखा और जवाबदेही तय की। बोले, ये जो अधिकारी बिना तैयारी के आए हैं अब ऐसा नहीं चलने वाला है। सब समझ लें। मीटिग में स्कैची जवाब लेकर आएंगे तो गंभीरता से निपटा जाएगा। डीसी ने पुलिस और बिजली निगम के अधिकारियों की कार्यशैली पर चिता जाहिर की। उन्होंने कहा कि फरियादियों को महीनों तक चक्कर कटाने की प्रवृत्ति से बाज आना होगा। इस बैठक में 12 शिकायतें रखी गई थीं, जिनमें से नौ शिकायतों का मौके पर निपटारा कर दिया। तीन शिकायतों को लंबित रखा गया है। केस एक

जांच करने में कोताही पर एसएचओ को फटकार

गांव बालू के सतनाम सिंह की शिकायत थी कि शराब के ठेकेदार सतपाल के आदमियों ने उसके पिता के गाली-गलौज किया और उसको भी बुरी तरह से पीटा। उसे पीजीआइ रेफर करना पड़ा था। संबंधित एसएचओ ने अपनी रिपोर्ट में समझौता दिखाकर मामले में धारा 182 के तहत कार्रवाई हुई दिखाई। इस पर डीसी सुजान सिंह ने उसे घेर लिया। बोले, आपने 182 लगा दिया। एसपी साहब इस मामले में जांच ठीक से नहीं हुई है। जून, 2019 की शिकायत पर इतना समय लगा दिया। मामले की दोबारा जांच करें। एसपी ने तत्काल डीएसपी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई, जिसमें समिति के एक गैर-सदस्यीय को भी शामिल किया गया।

केस दो

बिजली चोरी के मामले में एक्सईएन मौन

कलायत के महीपाल ने 22 मई 2019 को बिजली निगम में शिकायत दी थी कि चोरी के मामले में ले जुर्माने की राशि दुकान मालिक के खाते में डाल दी जाए। सीएम विडो पर भी यह शिकायत थी, लेकिन निगम इस केस को फाइल कर चुका था। डीसी ने पूछा कि सीएम विडो में शिकायत है। उसे किस बेस पर फाइल कर दिया। डीसी को गुस्सा आया और उन्होंने सभी अधिकारियों के सख्त निर्देश जारी किए। बोले, जब तक शिकायत के अनुरुप कार्रवाई नहीं होती उसे फाइल नहीं किया जाएगा। मई का केस लंबित है। इतना लंबा खींच रहे हो। केस तीन

मीटिग में रो पड़े बुजुर्ग, अफसर बहाने बनाते रहे

गांव सजूमा के सरूपा की शिकायत थी कि ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए बिजली निगम के कर्मचारी इस गांव के नफे सिंह दो हजार रुपये दिए थे, लेकिन रसीद सिर्फ 1100 रुपये की दी। जब बाकि पैसे वापस मांगने गया तो नफे सिंह उसे मारने को दौड़ा। एक्सईएन ने बताया कि नफे सिंह तो बिजली निगम के जेई हैं। डीसी के पूछने पर एक्सईएन भूपेंद्र पाल वधावन ने बताया कि सितंबर 2019 में आई इस शिकायत पर अभी तक आरोपित जेई से संपर्क नहीं हो पाया है। वह घूमने के लिए गया हुआ है। डीसी ने केस को फाइल करते हुए अगली मीटिग में रिपोर्ट तलब की है।

केस चार

कृष्ण लाल फिर पहुंचे दरबार

सांसद नायब सैनी के सामने पीडब्ल्यूडी एक्सईएन राजकुमार को लताड़ने वाले गांव सांच के बुजुर्ग कृष्ण लाल कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी पहुंच गए। निशाने पर एक बार फिर यही एक्सईएन थे। मामला इनके आधा एकड़ खेत में एक पुलिया बनाने का है और वह जून माह से अपनी शिकायत लेकर भटक रहा है। डीसी के समक्ष कृष्ण लाल बोले, मैं कोई पाकिस्तान से तो आ नहीं रहा हूं। 62 साल का हो गया हूं। कब तक पागल बनाओगे। एक्सईएन बोले, सर दूसरी पार्टी नहीं चाहती पुलिया बने और पुलिस प्रोटेक्शन नहीं मिली। डीसी ने साथ बैठे एसपी विरेंद्र कुमार विज को पुलिस प्रोटेक्शन मुहैया कराने को कहा। 30 दिसंबर को इन्हीं एक्सईएन ने यही जवाब सांसद नायब सैनी को भी दिया था, जिस पर सांसद ने तत्काल एसपी को निर्देश दिए थे। आठ दिन बाद भी वही जवाब एक्सईएन ने डीसी को दिया। इस मामले में दूसरी पार्टी के लोग भी बुजुर्ग के चले जाने के बाद डीसी से मिले और पुलिया नहीं बनाने की मांग की। केस पांच

बैंक बच रहा, किसान भटक रहा

गांव गुलियाना के किसान रामकुमार की गेहूं की फसल 2018 में खराब हो गई थी, जिसका बीमा कंपनी ने सर्वे किया। पीएनबी शाखा जाखौली के प्रबंधक ने किसान के फसल बीमा योजना का प्रीमियम काट लिया, लेकिन कंपनी तक नहीं राशि नहीं पहुंचाई। इस पर कंपनी ने नुकसान का मुआवजा देने से मना कर दिया। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक का कहना था कि तकनीकी त्रुटि के चलते किसान का नाम पोर्टल पर अपलोड नहीं हो पाया। डीसी ने हैरत जताते हुए पूछा कि इसका जिम्मेदार कौन हुआ। कृषि विभाग के अधिकारी ने कहा कि इसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर बैंक की है, लेकिन जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक अपने बैंक का बचाव करते नजर आए।

केस छह

स्कूल के पास ठेका, डीईटीसी को फटकार

गांव आहूं के चांदी राम ने कन्या स्कूल, रविदास मंदिर, औरतों के कपड़े धोने के घाट और स्वास्थ्य केंद्र के नजदीक शराब का ठेका होने की शिकायत की थी। उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त का कहना था कि स्कूल से 150 मीटर की परिधि में ठेका नहीं खोलने की पॉलिसी है। इस गांव में 120 मीटर में ठेका खोला गया हे। डीसी के कई सवालों का डीईटीसी सही जवाब नहीं दे सके तो डीसी बोले, आपने तो अपनी रिपोर्ट में समझौता लिखा दिखा रखा है। डीईटीसी ने भरी सभा में माना कि यह ठेका नियमों के विरुद्ध खोला गया है।

Posted By: Jagran

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