जागरण संवाददाता, कैथल : सरकार के आदेशानुसार तहसील में पिछले तीन सालों में हुई रजिस्ट्रियों की जांच की गई थी। एसडीएम की टीम ने रजिस्ट्रियों की जांच की थी और रिपोर्ट डीसी को भेजी थी।

डीसी ने कहा कि जहां तक जांच पूरी हो चुकी है, उसकी रिपोर्ट कमिश्नर को भेज दी है। जांच में क्या रिपोर्ट भेजी है, इसका खुलासा प्रशासन की ओर से नहीं किया जा रहा है। कृषि भूमि में दो कनाल से कम की रजिस्ट्री बिना एनओसी हुई हैं या नहीं इसकी जांच की गई थी। करीब एक हजार रजिस्ट्रियां संदेह के घेरे में हैं।

प्रशासन की ओर से एसडीएम की अध्यक्षता में डीटीपी, नगर परिषद और एसडीएम कार्यालय के कर्मचारियों ने जांच की थी। कुछ जिलों में तहसील कार्यालयों में भ्रष्टाचार के मामले सामने आए थे। सरकार की ओर से 22 जुलाई से सभी तहसीलों में रजिस्ट्रियां बंद कर दी गई थी।

उसके बाद रजिस्ट्री के लिए नया सॉफ्टवेयर लाया गया था। हालांकि नया सॉफ्टवेयर ठीक से नहीं चल रहा है, जिस कारण रजिस्ट्रियों का कार्य प्रभावित हो रहा है। जिला नगर योजनाकार की ओर से उन सभी रजिस्ट्रियों को गलत माना जाता है, जो कृषि भूमि में दो कनाल से कम की हो और जिसकी एनओसी ना ली गई हो।

वर्जन : रिपोर्ट कमिश्नर को भेज दी गई

डीसी सुजान सिंह ने बताया कि एसडीएम की टीम ने रजिस्ट्रियों की जांच की थी। जो रिपोर्ट उनसे प्राप्त की गई है, उसे कमिश्नर के पास भेज दिया गया है।

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