कमल बहल, कैथल: कोरोना की महामारी के कारण श्री ग्यारह रुद्री मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले रामलीला का मंचन इस बार नहीं होगा। बता दें कि श्री गणेश ड्रामाटिक क्लब की ओर से हर वर्ष रामलीला मंचन का आयोजन किया जाता है। इस बार क्लब की ओर से रामलीला मंचन के 50 वर्ष पूरे होने पर गोल्डन जुबली मनाई जानी थी, लेकिन कोरोना ने मंचन की गोल्डन जुबली पर ब्रेक लगा दी है।

यह आयोजन कोरोना को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से अनुमति न दिए जाने के कारण नहीं होगा। आयोजन न होने पर क्लब के सदस्यों और कलाकारों में निराशा है। इनका कहना है कि महामारी के कारण आयोजन नहीं होगा। वहीं, आयोजकों और कलाकारों का कहना है कि यदि किसी पार्टी या जिला प्रशासन का अपना कोई कार्यक्रम आयोजित करना होता है तो उसके बेझिझक कर दिया जाता है। वह भी दशहरे से पहले भगवान श्रीराम की जीवनी को रामलीला के माध्यम से याद करते हैं। इसमें न केवल मंचन जुड़ा है, बल्कि इसके माध्यम से भगवान श्रीराम को याद किया जाता है। जब मंचन के लिए जिला प्रशासन अनुमति नहीं दे सकता है तो उसे अपना भी कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं करनी चाहिए। श्री गणेश ड्रामाटिक क्लब के निदेशक धर्मबीर असीजा ने बताया कि इस बार रामलीला के मंचन के दौरान उन्होंने पूरे दस दिन भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाने थे। इस दौरान मंदिर परिसर और इसके आस-पास के क्षेत्र को जगमगाती लाइटों से सजाना था, लेकिन कोरोना के कारण इस बार मंचना का आयोजन ही नहीं हो पाएगा। असीजा ने कहा कि जिला प्रशासन अपने कार्यक्रम तो आयोजित कर रहा है, लेकिन धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजनों की अनुमति प्रदान नहीं करता।

कलाकार जगरूप सैनी ने बताया कि इस बार रामलीला का मंचन न होने से उनमें काफी निराशा है। वह दस दिन रामलीला के मंचन में भगवान राम की जीवनी को दर्शकों के बीच दिखाते हैं, लेकिन इस बार आयोजन की अनुमति नहीं होने से कलाकारों में रोष भी है।

श्री गणेश ड्रामाटिक क्लब के सह-निदेशक रमेश चंद जांगड़ा ने कहा कि रामलीला मंचन के दौरान न केवल वह मंचन करते हैं, बल्कि भगवान श्रीराम की आराधना भी इस मंच के माध्यम से होती है। कोरोना के बीच रामलीला का आयोजन नहीं होगा जिससे वह हताश हैं। वर्ष 1971 में शुरू हुआ क्लब की रामलीला के मंचन ने अब तक 150 से अधिक कलाकार दिए हैं।

सरकार की ओर से नहीं मिली अनुमति

एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि अभी तक सरकार की ओर से कोई भी मनोरंजनात्मक कार्यक्रम की अनुमति नहीं है। यदि रामलीला के आयोजन के दौरान कोई नई गाइडलाइन आती है तो उस दौरान जो आदेश होंगे, उसके तहत ही कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आयोजन नहीं किया जा सकता है।

सीवन में नहीं होगी रामलीला

सीवन : इस बार कोरोना के कारण रामलीला के मंचन का आयोजन नहीं होगा। सीवन की रामलीला इतनी प्रसिद्ध है कि लोग 20-20 मील दूर से आ कर रामलीला देखने आते थे। रामलीला के पुराने कलाकार राम के रोल में मुंशी राम हंस, रावण के रोल में चौधरी जगननाथ, लक्ष्मण के रोल में मंगत राम राजपूत, दशरथ के रोल में मंगत रामरतन, सुग्रीव के रोल में पवन शर्मा, लक्ष्मण जगननाथ गम्भीर, राम के रोल में ज्ञान चंद नलवा, सीता के रोल में श्याम लाल, आलरांउडर मांगे राम शर्मा, राम निवास शर्मा को आज भी रामलीला के दिनों में याद किया जाता है। 50 साल में पहली बार ऐसा होगा कि इस रंगमंच क्लब में रामलीला का मंचन नहीं होगा।

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