जागरण संवाददाता, कैथल : महर्षि संस्कृत विश्वविद्यालय में कक्षाएं तो शुरू हो गई हैं, लेकिन अभी तक प्रोफेसरों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। अभी तक संस्कृत के केवल एक रिटायर्ड प्रोफेसर ने ही विश्वविद्यालय में संस्कृत भाषा का अध्यक्ष का पद संभाला है। प्रोफेसर के न होने के कारण कक्षाओं में पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई है। पहले चरण में कुल 56 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है, जो बाबा लदाना गांव में स्थित डेरा बाबा राजपुरी में पढ़ाई कर रहे हैं। उन्हें पत्राचार का कार्य करने वाले कर्मचारी उनकी कक्षाएं ले रहे हैं।

विश्वविद्यालय में 11 डिग्री और डिप्लोमा कोर्सो के लिए जा रहे आवेदन

प्रदेश के पहले संस्कृत विश्वविद्यालय में 11 आचार्य और शास्त्री कोर्सो के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। उसमें अब तक आचार्य और शास्त्री कोर्सो में 56 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है, जबकि कुल सौ सीटें हैं। 10 पदों पर प्रोफेसर भर्ती की हैं, लेकिन अभी तक मात्र एक प्रोफेसर की ही नियुक्ति हो पाई।

महर्षि संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति श्रेयांश द्विवेदी ने बताया कि संस्कृत के चार प्रोफेसर लगाए गए हैं। विश्वविद्यालय की ओर से 13 अगस्त तक सभी पदों को भर लिया जाएगा। जो स्टाफ सदस्य विद्यार्थियों को संस्कृत पढ़ा रहे हैं, जिन्हें काफी अनुभव हैं। उन्होंने बताया कि कोर्स में छह महीने का सेतु पाठ्यक्रम हैं। इसमें केवल संस्कृत लिखना और पढ़ना सिखाया जाता है।

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Posted By: Jagran

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