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कैथल नागरिक अस्पताल को बड़ी सौगात, पीडियाट्रिक ICU का ट्रायल सफल; सितंबर में होगा शुरू

Published: Mon, 24 Aug 2026 03:38 PM (IST)

कैथल नागरिक अस्पताल में पीडियाट्रिक आइसीयू का ट्रायल सफल रहा है और इसे सितंबर में शुरू करने की तैयारी है।

कैथल नागरिक अस्पताल में बच्चों के लिए पीडियाट्रिक आइसीयू जल्द शुरू (फोटो: जागरण)

कैथल नागरिक अस्पताल में बच्चों के लिए पीडियाट्रिक आइसीयू जल्द शुरू (फोटो: जागरण)

HighLights

  1. पीडियाट्रिक आइसीयू का ट्रायल सफल, सितंबर में होगा शुरू।

  2. बच्चों के इलाज के लिए जिला मुख्यालय पर मिलेगी सुविधा।

  3. डॉक्टरों की कमी के बावजूद नई नियुक्तियों की मांग भेजी।

जागरण संवाददाता, कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में पीडियाट्रिक आइसीयू शुरू करने की तैयारियां चल रही है। इसके लिए जिला बाल रोग विशेषज्ञ की तरफ से ट्रायल लिया जा चुका है, जो सही पाया गया है।

आइसीयू में जिस स्टाफ की नियुक्त की जानी है, उसके लिए भी चयन कर लिया गया है। नई स्टाफ व चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए भी डिमांड भेजी गई है। हालांकि विभाग के पास मात्र एक बाल रोग विशेषज्ञ है, इस कारण लोगों को बच्चों के इलाज को लेकर लंबा इंतजार करना पड़ता है।

चिकित्सक के पास ओपीडी, एसएनसीयू का कार्य भी है, ऐसे में आइसीयू शुरू होने के बाद काम का बोझ बढ़ेगा। रोजाना ओपीडी भी 100 के करीब है, ऐसे में चिकित्सकों की कमी के चलते दिक्कत आ सकती है, इसी को देखते हुए विभाग की तरफ से डिमांड भेज दी है, उम्मीद है कि चिकित्सकों की नई भर्ती में जिले को बाल रोग विशेषज्ञ, गायिनी, हड्डी रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन सहित अन्य बीमारियों के विशेषज्ञ चिकित्सक मिलने की उम्मीद है।

चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को करना पड़ रहता लंबा इंतजार

जिला स्वास्थ्य विभाग में अब चिकित्सकों की भारी कमी है। जहां पूरे जिले में 149 पदों में से 72 चिकित्सक ही कार्यरत हैं, वहीं नागरिक अस्पताल में 55 स्वीकृत पदों में से 40 पद भरे हुए हैं, अन्य पद खाली है।

चिकित्सकों की कमी के कारण गायिनी विभाग, बाल रोग, हड्डी रोग, नेत्र रोग, त्वचा रोग, दिल की बीमारी से संबंधित केसों में लोगों को दिक्कत आ रही है। अस्पताल खुलने से पहले ही ओपीडी के बाहर लोगों की लंबी कतार लग जाती है। वहीं अल्ट्रासाउंड की बात करें तो लोग सुबह छह बजे से पहले ही अस्पताल में पहुंच जाते हैं, लेकिन फिर भी अपनी बारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।

पुराना अस्पताल में बनाया जाना है जच्चा-बच्चा अस्पताल शहर के पुराना अस्पताल में अब सिविल सर्जन कार्यालय, मलेरिया विभाग, टीबी रोग से बचाव को लेकर यूनिट सहित वेयर हाउस चलाया जा रहा है।

यहां वेयर हाउस का भवन जर्जर हो चुका है, इसके स्थान पर जच्चा-बच्चा अस्पताल के लिए नया भवन बनाया जाना है, जिसकी मंजूरी मिल चुकी है। इस अस्पताल के बनने से एक ही छत के नीचे गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी, नवजात बच्चों का इलाज हो सकेगा। इससे जहां शहरवासियों को फायदा होगा, वहीं आसपास के ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोगों को भी बच्चों के इलाज को लेकर सुविधा मिलेगी।

पीडियाट्रिक आइसीयू का लिया जा चुका है ट्रायल: डॉ. रेनू चावला

जिला सिविल सर्जन डा. रेनू चावला ने बताया कि पीडियाट्रिक आइसीयू को शुरू करने की तैयारियां की जा रही है। इसका ट्रायल हो चुका है, जो सही मिला है। कुछेक कमियां भी सामने आए हैं, जिन्हें दूर किया जा रहा है। यहां जिस स्टाफ को नियुक्त किया जाना है, उसका चयन कर लिया गया है।

वहीं नई नियुक्तियों को लेकर डिमांड भेजी गई है। बाल रोग विशेषज्ञ विभाग के पास अब एक है, चिकित्सकों की नई भर्ती हो चुकी है, जल्द ही जिले को नए चिकित्सक मिलने की उम्मीद है। इस आइसीयू के शुरू होने से काफी सुविधा लोगों को मिलेगी।