जागरण संवाददाता, कैथल : स्वास्थ्य विभाग की ओर से जून माह में एंटी लारवा जांच अभियान चलाया गया है। अब तक पूरे जिले में 300 से ज्यादा जगहों पर लारवा मिल चुका है। यहां भवन मालिकों को नोटिस जारी किया जा चुका है। इसी कड़ी में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एमआइटीसी कालोनी में लारवा की जांच की। इस दौरान एक क्वार्टर में लगे कूलर में लारवा मिला। इसके टीम ने यहां दवा का छिड़काव किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिला के तीन लाख 77 हजार घरों में गमले, कूलरों, घड़ों का निरीक्षण कर वहां पर उपस्थित पानी में मच्छर के लारवा की चेकिग की व 187 घरों में लारवा मिलने पर नोटिस भी जारी किया गया। डीसी प्रदीप दहिया ने बताया कि मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया बीमारियों से बचाव व जागरूक करने के लिए जिला में स्वास्थ्य विभाग ने अभियान चलाया हुआ है। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर लोगों को इन बीमारियों के फैलने, लक्षण और बचाव के उपाय बारे जागरूक कर रही है।

डीसी ने बताया कि मलेरिया व डेंगू के खात्मे को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर एवं प्रयासरत है। सरकार की ओर से भी प्रयास किए जा रहे हैं। कोविड-19 जैसी जानलेवा बीमारी के साथ-साथ मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग नजर बनाए है। मलेरिया विभाग के विशेषज्ञ डा. नीरज मंगला ने कहा कि मलेरिया के शुरुआत के लक्षणों में तेज ठंड के साथ बुखार आना, सिर दर्द होना व उल्टी का आना है। इसलिए कोई भी बुखार आने पर अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर मलेरिया की जांच करवाएं और अगर मलेरिया जांच में पाया जाता है तो उसका 14 दिन का इलाज स्वास्थ्यकर्मी की देखरेख में करें।

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