जागरण संवाददाता, कैथल : शहर में बेसहारा पशुओं की समस्या का समाधान होगा या नहीं अभी कह पाना मुश्किल है। सड़कों पर करीब 700 बेसहारा पशु हैं, जिनके कारण रोजाना सड़क हादसे हो रहे हैं। इन हादसों में पशु भी घायल हो रहे हैं और लोगों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। फिलहाल नगर परिषद की तरफ से पशुओं को पकड़ने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि जिला पालिका आयुक्त की तरफ से नप को पशु पकड़ने के लिए मंजूरी दे दी गई है। अब नगर परिषद अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। गांव भैणी माजरा स्थित नंदीशाला नगर परिषद के अधीन है। कुछ दिन पहले ही नप की तरफ से नंदीशाला को चारा उगाने के लिए 12 एकड़ जमीन दी गई है। नप अधिकारी इस उलझन में हैं कि पशुओं को पकड़ने के बाद छोड़ा कहां जाए। बेसहारा पशुओं की समस्या को लेकर जीवन रक्षक दल की तरफ से दो दिन तक धरना दिया गया। मंगलवार को दल के सदस्यों ने समस्या को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक गुर्जर और डीसी प्रदीप दहिया को ज्ञापन भी सौंपा है। डीसी ने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस बारे में नप अधिकारी और गोशाला संचालकों की बैठक बुलाकर समाधान करवाया जाएगा।पिछली कई बार की तरह एक बार फिर शहर के लोग आश्वासन लेकर लौट गए।

पूरे जिले में है पशुओं की समस्या

बेसहारा पशुओं की समस्या कैथल शहर में ही नहीं, बल्कि पूरे जिले में बनी हुई है। प्रशासन की तरफ से इस समस्या का समाधान करने को लेकर कोई ठोस प्रयास नहीं किया जा रहा है। गुहला-चीका, पूंडरी, कलायत, राजौंद, सीवन, ढांड में भी सड़कों पर बेसहारा पशु घूमते रहते हैं। बता दें कि शहर के कुछ लोग भी गाय रखते हैं और दूध निकालने के बाद उन्हें सड़कों पर छोड़ देते हैं। ऐसे लोगों पर भी प्रशासन की तरफ से कार्रवाई की जानी चाहिए। जीवन रक्षक दल के प्रधान राजू डोहर ने बताया कि इस समस्या को लेकर राज्यमंत्री कमलेश ढांडा और विधायक लीला राम को भी ज्ञापन दिया जाएगा।

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