संवाद सहयोगी, ढांड : सिचाई विभाग के एक कर्मचारी ने जहरीला पदार्थ निगल कर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में नौ लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया है। मामला पैसों के लेनदेन को लेकर बताया जा रहा है। ढांड थाना पुलिस को दी शिकायत में विनोद कुमार ने बताया कि उसका भाई जसबीर सिंह सिचाई विभाग में कार्यरत था। एक दिसंबर को उसका भाई उसके पास जनता कालेज कौल में आया और मोटरसाइकिल छोड़ कर यह कहते हुए चला गया कि इसे घर ले जाना। यह मोटरसाइकिल उसके दूसरे भाई जोगिद्र की है। जब वह शाम के समय घर पहुंचा तो उसका भाई वहां नहीं था। वीरवार को अलसुबह उसका भाई जसबीर घर आया और कहा कि उसने जहर निगल लिया है। इसके बाद वह उसे लेकर अस्पताल पहुंचे जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके भाई की जेब से एक सुसाइड नोट व जहर की गोलियां मिली है। इसमें नौ लोगों को मौत का जिम्मेदार ठहराया गया है। स्वजनों ने इसकी शिकायत ढांड थाना पुलिस को दी गई। आरोप है कि उसके भाई को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले आरोपितों ने दो मोबाइल फोन व मोटरसाइकिल भी उसके भाई से छीन ली। पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर स्वजनों को सौंप दिया। इस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर पीड़ित पक्ष के लोग एसपी लोकेंद्र सिंह से भी मिले।

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जेब की तलाशी लेने पर मिला सुसाइड नोट

मृतक के भाई ने बताया कि जब जसबीर की जेब की तलाशी ली गई तो सुसाइड नोट मिला। इसमें उसके भाई ने अपनी मौत का जिम्मेदार बलकार कबाडी, सुनील, बिट्टू, कृष्ण , दर्शन गुर्जर ढांड, अमित कुमार, मलखान, शीशन, ज्ञानी उपनाम सतीश सहित नौ को ठहराया है। सुसाइड नोट में लिखा कि इन लोगों ने उसे व उसके बच्चों को भी परेशान किया। पैसे देने के बावजूद उस पर ब्याज पर ब्याज लगाते हुए पैसे वसूलते रहे। शीनू व बिट्टू पर मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल व घरवाली के जेवरात भी छीनने का आरोप लगाया। इन लोगों की प्रताड़ना से तंग आकर वह आत्म हत्या कर रहा है।

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सुसाइड नोट में लिखा, मेरा बच्चों को संभाल कर रखना

मेरे बच्चों को मेरे से भी ज्यादा संभाल कर रखना, मेरी कमी कभी महसूस नहीं होने देना। मेरे रुद्र को बहुत ही प्यार से रखना। मेरा रुद्र मेरी जान है, इसे कभी भी किसी चीज की कमी महसूस नहीं होने देना। अयान तो मेरा बेटा मासूम है वो तो भूल जाएगा मुझे, लेकिन इसे किस्मत तो बहुत खराब मिली। इसके लिए कभी भी कुछ नहीं कर पाया, इसके बर्थडे पर मैं नहीं होगा, लेकिन इसका बर्थडे अच्छे से मनाना। मेरे झाडू भाई मेरे बच्चों को आपके हवाले छोड़ कर जा रहा हूं, इनका अच्छे से ख्याल रखना। मैं कायर हूं, इनको नहीं संभाल पाया, क्योंकि इन लोगों ने मुझे मरने पर मजबूर कर दिया। बाय, फिर किसी रूप में मिलेंगे, इस मोबाइल नंबर का पासवर्ड उसके भाई विनोद को पता है, क्योंकि यह मोबाइल फोन उसका है। मेरे पैसे व मेरा सामान पुलिस प्रशासन की सहायता से मेरे बच्चों को दिलवाने का कष्ट करें। कहा कि इन लोगों को छोड़ना मत, मैं अपनी मौत नहीं मर रहा हूं, इन लोगों ने मुझे मरने के लिए मजबूर किया है।

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ढांड पुलिस थाना प्रभारी जयभगवान ने बताया कि पुलिस ने मृतक जसबीर सिंह के भाई विनोद की शिकायत पर नौ लोगों के विरुद्ध आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर लिया है।

Edited By: Jagran