जागरण संवाददाता, कैथल :

मानसून के पहुंचने में एक माह का समय ही शेष रह गया है। ऐसे में बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। जलभराव की समस्या से निपटारे के लिए प्रशासन ने जिले से गुजर रही ड्रेनों की सफाई शुरू करवा दी है। इसके साथ ही पंजाब की सीमा से सटी हुई घग्गर नदी हैं। यहां पर डीसी सुजान सिंह ने स्वयं पहुंचकर दौरा किया है। जिले से गुजर रही ग्योंग, सिल्लाखेड़ा, अमीन और मानस ड्रेन की सफाई शुरू करवा दी है। इसके साथ ही शहर में से गुजर रहे नालों और सीवरेज की सफाई का कार्य शुरू करवाया गया है। एसडीएम कमलप्रीत कौर ने भी शहर में दौरा कर जलभराव होने वाले क्षेत्र का जायजा लिया है। एसडीएम कमलप्रीत कौर ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से मानसून के मौसम से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। चीका में घग्गर नदी से सटे गांवों में बाढ़ से बचाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है। इसके लिए ग्योंग, सिल्लाखेड़ा, अमीन और मानस ड्रेन सफाई का कार्य लगातार जारी है। बरसात के समय में रेलवे अंडरपास के नीचे भी जलभराव की समस्या अधिक रहती है। यहां पर रेलवे विभाग की ओर से टीन की छत बनाने का कार्य शुरू किया गया है।

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यहां होता है जलभराव :

मानसून के मौसम में होने वाली बरसात के समय माता गेट, सीवन गेट, सेक्टर 18, डोगरा गेट, पिहोवा चौक, अमरगढ़ गामड़ी, देवीगढ़ रोड, कबूतर चौक और सब्जी मंडी, जींद रोड पर स्थित अंडरपास सहित अन्य इलाकों में थोड़ी सी बरसात में ही जलभराव होता है। बॉक्स :

मेंटेनेंस की ग्रांट से किया जा रहा कार्य :

जनस्वास्थ्य विभाग के एसई देवी लाल ने बताया कि हर वर्ष सरकार की ओर से सीवरेज और बड़े नालों की सफाई के लिए मेंटेनेंस के लिए ग्रांट दी जाती है। इसकी 50 प्रतिशत राशि मानसून के मौसम के लिए खर्च की जाती है। शहर में गुजरने वाली ड्रेन, नालों और सीवरेज की व्यवस्था ठीक रखने के लिए कार्य शुरू करवा दिया गया है। यह कार्य 10 जून तक पूरा कर लिया जाएगा।

Posted By: Jagran

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