जागरण संवाददाता, कैथल : साइबर अपराध शाखा कैथल पुलिस ने क्लोनिग के माध्यम से बोगस एटीएम कार्ड तैयार करके ठगी से पैसे हड़पने वाले आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित के कब्जे से पाई निवासी एक व्यक्ति की हड़पी गई एक लाख 20 हजार रुपये की नकदी बरामद कर ली गई। 14 मई को आरोपित अदालत के आदेशानुसार 28 मई तक 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एसपी शशांक कुमार सावन ने बताया कि सुरेंद्र कुमार निवासी पाई की शिकायत पर थाना पूंडरी में केस दर्ज किया गया था। मामले अनुसार 21 अप्रैल 2019 को उसके पूंडरी स्थित एसबीआइ खाते से अज्ञात व्यक्ति ने रात 11 बजकर 52 मिनट पर 40 हजार रुपये और उसके एक मिनट बाद दोबारा से 40 हजार रुपये निकाल लिए। अगले दिन फिर से एक हजार रुपये और 39 हजार रुपये निकाल लिए। उसने 19 अप्रैल 2019 को एसबीआइ पूंडरी एटीएम से पांच हजार रुपए निकलवाए थे।

मदद के बहाने की थी धोखाधड़ी

मामले की जांच साइबर अपराध शाखा के इंस्पेक्टर नवीन कुमार की अगुवाई में एएसआई सुरेंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल कुलदीप सिंह, एचसी रविद्र कुमार तथा सिपाही विनोद कुमार की टीम ने की। 10 मई को आरोपित सन्नी निवासी धर्मखेड़ी जिला हिसार को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपित ने कबूला कि उसने एसबीआइ एटीएम कक्ष के अंदर 19 अप्रैल 2019 को पैसे निकाल रहे उपभोक्ता की मदद करने के बहाने उसके पांच हजार रुपये निकालते समय उसका कार्ड लेकर क्लोनिग व राइटर मशीन से कार्ड का क्लोन तैयार कर लिया। उसके बाद खाते से एक लाख 20 हजार रुपये नकदी निकाल ली, जिसे वह अपने मकान से बरामद करवा सकता है। आरोपित की निशानदेही पर गांव धर्मखेड़ी स्थित उसके मकान से एक लाख 20 हजार रुपये नकदी बरामद कर ली गई।

दूसरे जिलों में भी की है ठगी

व्यापक पूछताछ दौरान खुलाशा हुआ कि उसके द्वारा कैथल के अतिरिक्त जींद, पंजाब तथा त्रिपुरा में भी इस प्रकार की जालसाजी करके नकदी हड़पी गई थी। त्रिपुरा के थाना धर्मनगर तहत नार्थ गोंडा में कार्ड का क्लोन बनाते समय वह पकड़ा गया था। इस दौरान वारदात में प्रयुक्त मशीन व मोबाइल फोन त्रिपुरा पुलिस द्वारा पहले ही बरामद किए जा चुके हैं। जिसके बाद कोरोना संक्रमण के चलते त्रिपुरा से आरोपित को जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

Posted By: Jagran

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