पूंडरी (कैथल), संवाद सहयोगी। पूंडरी के गांव फरल के दो युवकों की बुधवार की रात एक सड़क हादसे में मौत हो गई। जैसे ही गांव में दोनों युवकों की मौत का समाचार पहुंचा तो गांव में मातम पसर गया। बुधवार को गांव फरल का नरेश करनाल शुगर मिल में अप्रेंटिस के लिए जाता था।

देर शाम को गुरु ब्रह्मानंद चौक पूंडरी पर गांव में आने के लिए खड़ा था। अजयपाल काम निपटा कर वापस गांव फरल की तरफ जा रहा था। गुरु ब्रह्मानंद चौक पर उसने नरेश कुमार को अपनी मोटरसाइकिल पर बैठा लिया। जब दोनों गांव फरल के पास पहुंचे तो किसी अज्ञात वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को सामने से जोरदार टक्कर मार दी।

घटनास्थल पर जाकर मालूम होता है कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि मोटरसाइकिल के परखचे उड़ा दिए। जहां पर अज्ञात वाहन ने मोटरसाइकिल को टक्कर मारी। उससे लगभग 50 मीटर की दूरी पर दोनों युवक घायल अवस्था में मिले। अजयपाल तो मौके पर ही मृत मिला। जबकि नरेश कुमार की उस समय भी सांसें चल रही थी। दोनों को परिजन पूंडरी एक निजी अस्पताल मेंं लेकर गए। जहां पर नरेश कुमार ने भी दम तोड़ दिया।

सड़क हादसे की सूचना परिजनों को खुद नरेश कुमार ने फोन पर दी। उसके बाद शायद नरेश भी अधिक चोटें लगने की वजह से बेहोश हो गया। अज्ञात वाहन चालक टक्कर के बाद मोटरसाइकिल को घसीटता हुआ दूर तक ले गया। परिजन सड़क पर मोटरसाइकिल देखते रहे। अगर समय रहते सही घटनास्थल का पता चल जाता तो शायद यह दोनों युवक जिंदा होते। मृतक नरेश कुमार बीए पास था और अप्रेंटिस करने करनाल जाता था। वे तीन भाई थे और वो सबसे छोटा व अविवाहित था। मृतक अजयपाल पूंडरी में किसी दुकान पर काम काम करता था। वह भी तीन भाई थे। नरेश मझला था। अजयपाल भी अविवाहित था। दोनों युवकों की मौत के बाद गांव में मातम का माहौल पसर गया है।

दुर्घटना कितनी भयावह रही होगी। इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दोनों युवक गांव फरल और म्योली के बीच सड़क किनारे से दूर खेतों की ओर मिले जबकि युवकों की मोटरसाइकिल फतेहपुर स्थित गुरुकुल के पास मिली। अंदाजा लगाया जा रहा है कि जिस वाहन से युवकों की बाइक टकराई उसमें बाइक उलझ गई और बाद फतेहपुर गांव की सीमा के पास उस वाहन चालक ने मोटरसाइकिल को अपनी वाहन से दूर किया और मौके से फरार हो गया।

दोनों भाई काम पर आएंगे

पूंडरी में जहां अजयपाल काम करता है वहां उसका छोटा भाई भी काम करता है। अक्सर दोनों भाई साथ में ही घर के लिए निकल जाते थे, लेकिन पिछले दो तीन दिन से अजय का भाई बीमार था और वो अकेला ही अपने गांव जाता था। बुधवार को अजय गांव बाकल में जब अपना काम निपटाकर पूंडरी वापस आया तो दुकान मालिक को कहने लगा कि अब वो घर जा रहा है, लेकिन अगली सुबह दोनों भाई साथ आएंगे। लेकिन होनी को शायद कुछ और ही मंजूर था।

Edited By: Anurag Shukla

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