जागरण संवाददाता, कैथल : 2017-18 के परीक्षा परिणाम कैथल शिक्षा विभाग के लिए संजीवनी की तरह थे। 12वीं परीक्षा परिणामों में कैथल पूरे प्रदेश में द्वितीय स्थान पर रहा। कॉमर्स संकाय की छात्रा कोमल पूरे प्रदेश में प्रथम व आर्ट में अंजू पूरे प्रदेश में तृतीय स्थान पर रही। दसवीं के परिणाम निराशाजनक रहे और कैथल सातवें स्थान पर रहा। 2018 सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम व खेलों में भी अपने जलवे दिखाए। वर्षों बाद कैथल में डीईओ, डीईईओ, डिप्टी डीईओ व डीपीसी पदों पर अधिकारी तैनात किए गए हैं। अब तक इन पदों पर एक दो अधिकारी ही काम चलाते रहे हैं। इसके साथ ही कैथल शिक्षा विभाग के कुछ कड़वे अनुभव भी रहे। तीन बार सक्षम परीक्षा में कैथल के सभी ब्लॉक में से सिर्फ राजौंद को ही सफलता मिली है। अन्य ब्लॉक आज भी इसके लिए बैचेन हैं। गांव बालू के बच्चे सुविधाएं नहीं मिलने के विरोध में हाईकोर्ट चले गए। विभाग को कड़ी फटकार के बाद बच्चों को सुविधा उपलब्ध करवानी पड़ी। कई सरकारी स्कूलों में छात्राओं के साथ हुई छेड़छाड़ की घटनाओं ने भी जिले को शर्मसार किया।

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शिक्षा विभाग से रिटायर्ड ¨प्रसिपल जय प्रकाश शास्त्री का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में परिणाम तो सुधरे हैं, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता में कमी आई है। सरकार छात्र संख्या को बहाना बना नए स्कूल खोलने की बजाय स्कूल बंद करने पर जोर दे रही है। जबकि सरकार को स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाकर शिक्षा उत्थान की ओर ध्यान देना चाहिए। स्कूलों में शिक्षकों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भारी कमी है। शिक्षा में गुणवत्ता की कमी का बड़ा कारण आए दिन मनाए जाने वाले कोई न कोई दिवस हैं। इसके अलावा शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने की बजाय अन्य काम करवाया जा रहा है।

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जिला शिक्षा अधिकारी जो¨गद्र ¨सह हुड्डा ने कहा कि 2019 में लक्ष्य निर्धारित है। विभाग तेजी से लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। 10वीं और 12वीं दोनों में जिला को प्रथम बनाना है। नव वर्ष में कैथल के सभी ब्लॉक को सक्षम बनाना है। बच्चों को बैठने के लिए नए बेंच उपलब्ध होंगे व जहां कमरे गिराए गए थे वहां नए कमरों का निर्माण होगा। कुछ स्कूलों में इनका निर्माण कार्य शुरु होने वाला है। गांव डीग में नए कन्या प्राथमिक स्कूल की सौगात मिलेगी। चतुर्थ श्रेणी भर्ती में कैथल को भी कर्मचारी मिलेंगे जिससे कर्मचारियों की कमी दूरी हो जाएगी। पर्याप्त मात्रा में जेबीटी मिलने से प्राथमिक शिक्षा में भी गुणवत्ता में सुधार आया है। पंजाबी, इकनॉमिक्स व कंप्यूटर साइंस के प्राध्यापक पहले ही मिल चुके हैं। जल्द ही अन्य विषयों के प्राध्यापक भी मिल जाएंगे, जिससे प्राध्यापकों की कमी दूर होगी। पहली बार कैथल में राज्य स्तरीय सांस्कृतिक उत्सव का सफल आयोजन किया गया। 2019 में भी कैथल इस तरह के बड़े आयोजन करवा पूरे प्रदेश में अपना नाम करेगा।

Posted By: Jagran