संवाद सहयोगी, सीवन :

आज हिन्दी दिवस है। हिदी हमारी राष्ट्र भाषा है, जिस पर हमें गर्व होना चाहिए। अंग्रेजी व चीनी भाषा के बाद विश्व में चौथी सबसे बड़ी भाषा है। लेकिन उसे अच्छी तरह समझने, पढ़ने, लिखने वालों की संख्या बहुत कम है। यह संख्या और भी कम होती जा रही है। हिदी भाषा पर अंग्रेजी के शब्दों का बहुत अधिक प्रभाव हुआ है। हिदी के कई शब्द प्रचलन से हट गए है और अंग्रेजी के शब्दों ने उसकी जगह ले ली है। ऐसे लोग जो हिदी का ज्ञान रखते है हिदी से प्यार करते है व हिदी को भली प्रकार से जानते है उन्हे हिदी के प्रति अपने कर्तव्य का बोध करवाने के लिए हिदी दिवस मनाया जाता है। इससे वह सभी अपने कर्तव्य का पालन कर हिदी को भविष्य में विलुप्त होने से बचा सके। इस बारे में क्षेत्र के लोगों से बात की उनके विचार इस प्रकार थे।

हिंदी में हो सब कार्य : कामरा

लक्ष्मण कामरा ने कहा कि क्या हिदी दिवस पर सुलेख प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता वाद विवाद, विचार गोष्ठी, काव्य गोष्ठी, हिदी टकण प्रतियोगिता, हिदी निबंध लेखन, श्रूति लेखन, पुरस्कार समारोह करवाने चाहिए। यह केवल हिदी दिवस पर ही नहीं समय समय पर इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित कर हमें अपने बच्चों में हिदी के प्रति प्यार बढ़ा सकते है।

अंग्रेजी नहीं हिन्दी में करें बात : सरदाना

विजय सरदाना ने बताया कि हमें हिदी का प्रचार प्रसार दूसरे देशों व उन प्रदेशों में जहा हिदी नहीं बोली जाती उनमें करना चाहिए। लेकिन आज भी सरकारी कार्यालयों में हिन्दी का प्रयोग नहीं होता। सरकारी कार्यालयों के बाहर अधिकारियों के नाम अंग्रेजी में लिखे होते है। हम अंग्रेजी बोल कर अपने आप को पढ़ा लिखा दिखाने की फिराक में रहते है। यह गलत है यदि हमें हिन्दी को बढ़ाना है तो हमें हिन्दी का प्रयोग अधिक से अधिक करना होगा।

सरकारी कार्यालयों में पत्र व्यवहार हो हिन्दी में

राज कुमार वधवा ने बताया कि हिदी भाषा हमारी राष्ट्र भाषा है। प्रदेश में सरकारी कार्यालयों में हिन्दी में कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया जाए। सभी काम अंग्रेजी में न होकर हिन्दी में होना चाहिए। लेकिन हिदी दिवस पर ही भाषण देते समय अधिकतर शब्दों का प्रयोग किया जाता है। हमें केवल हिन्दी दिवस पर ही हिन्दी का प्रयोग नहीं बल्कि प्रतिदिन इसी भाषा में काम करना चाहिए। हिन्दी में करे हस्ताक्षर : मनोज

मनोज कुमार अधिवक्ता ने बताया कि हम चाहे कितनी भी हिदी की बात करे, हिन्दी बोले लेकिन जब हस्ताक्षर करने की बात आती है तो हस्ताक्षर अंग्रेजी में करके हम अपने आप को होशियार समझते है। हमें हिदी बोलने हिदी लिखने की आदत डालनी चाहिए। हिदी में ही हस्ताक्षर करने चाहिए।