जागरण संवाददाता, जींद : कर्मचारियों की मांगों को लेकर अक्सर यूनियनों की बैठकें और प्रदर्शन होते रहते हैं। इसमें विभिन्न यूनियनों से जुड़े कर्मचारी बैठकों और प्रदर्शन में भाग लेते हैं तो इसका असर डिपो की रोटेशन पर पड़ता है। इससे बसों के चक्कर कम लगते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए डिपो महाप्रबंधक बिजेंद्र हुड्डा ने आदेश जारी किए हैं कि किसी भी यूनियन को अपनी बैठक या प्रदर्शन से पहले डीआइ कार्यालय और महाप्रबंधक को लिखित में इसकी सूचना देनी होगी।

900 कर्मचारी यूनियनों से जुड़े

जींद डिपो में इस समय कई यूनियनें हैं, जिनमें कर्मचारी महासंघ, सर्व कर्मचारी संघ, संयुक्त कर्मचारी महासंघ, जन जागृति कल्याण मंच, बीएमएस और इंटक, मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन शामिल हैं। डिपो के 900 से ज्यादा कर्मचारी विभिन्न यूनियनों से जुड़े हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा हैवी वेट यूनियन कर्मचारी महासंघ मानी जाती है। सबसे ज्यादा कर्मचारी इस यूनियन के साथ जुड़े हैं और इस यूनियन का डिपो पर गहरा असर माना जाता है। इसके अलावा दूसरी यूनियनें भी काफी सक्रिय रहती हैं। बैठकों में कर्मचारियों, विशेषकर चालक-परिचालकों के शामिल होने पर कई बार बसों के चक्कर मिस न हो, इसके लिए रोडवेज प्रबंधन ने फैसला लिया है कि अगर कोई भी यूनियन बैठक करेगी तो उसे पहले ही डीआई कार्यालय को लिखित में देना होगा, ताकि डीआई कार्यालय द्वारा दूसरी व्यवस्था बनाई जा सके।

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जब यूनियन कर्मचारी नेता मीटिग बुलाते हैं तो चालक-परिचालकों के इसमें शामिल होने पर बस के चक्कर मिस हो जाते हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। अगर यूनियनें पहले ही सूचित करेंगी तो व्यवस्था कर बसों के चक्कर मिस नहीं होने दिए जाएंगे। यात्रियों को असुविधा नहीं होगी।

--बिजेंद्र सिंह, महाप्रबंध, जींद डिपो।

Posted By: Jagran

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