जागरण संवाददाता, जींद, नरवाना : जिले में खरीद फरोख्त में जाली एफ फार्म लगाकर टैक्स चोरी करने के आरोप में पुलिस ने तीन फर्म संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, गलत दस्तावेज प्रस्तुत करने का मामला दर्ज किया है। इसमें दो फर्म नरवाना व एक जुलाना की है। तीनों फर्मो ने सरकार को करीब 11 लाख रुपये का चूना लगाया है। फर्मों का यह फर्जीवाड़ा चंडीगढ़ की महालेखाकार विभाग की टीम द्वारा की गई ऑडिट के दौरान सामाने आया।

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मामला नंबर 1

जुलाना की मै श्री गिरीराज ऑयल मिल

आबाकारी एवं कराधान विभाग के ईटीओ श्रीभगवान ने जुलाना थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि अनाज मंडी जुलाना निवासी सुमन तायल के नाम वर्ष 2010 में मै श्री गिरीराज आयल इंडस्ट्रीज विभाग के पास रजिस्ट्रड हुई थी। 2 जनवरी 2015 को चंडीगढ़ से आई महालेखाकार की टीम ने इसका ऑडिट किया। जांच के दौरान सामने आया कि फर्म ने करीब 24 लाख 42 हजार 485 रुपये का माल जाली एफ फार्म के नाम पर बेचा है। विभाग की टीम ने मूल्यांकन कर तो वह 1 लाख 28 हजार 235 रुपये टैक्स बनाया। टैक्स चोरी करने के चलते उसकी फर्म को 3 लाख 84 हजार 693 रुपये जुर्माना किया। फर्म को इसके लिए 5 लाख 12 हजार 924 रुपये का भुगतान करना था, लेकिन तय समय के दौरान इसका भुगतान नहीं किया। इसके चलते फर्म को जुर्माना किया।

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मामला नंबर 2

मैसर्ज लक्ष्मी निवास ऑयल मिल फर्म नरवाना

आबाकारी एवं कर निर्धारण अधिकारी देवेंद्र लांबा ने पुलिस में दी शिकायत में बताया कि मैसर्ज लक्ष्मी निवास ऑयल मिल फर्म नरवाना के प्रोफेसर कॉलोनी निवासी रीनू मित्तल के नाम पंजीकृत की गई थी। फर्म द्वारा वित्तीय वर्ष 2010-11 के कर निर्धारण को 11 जुलाई 2012 को निर्धारित किया था। इस बारे में महालेखाकार ऑडिट चंडीगढ द्वारा 1 जनवरी, 2015 को ऑडिट ऑब्जेक्शन लगा दिया गया। यहीं नहीं इस फर्म द्वारा 80 लाख 58 हजार 213 रुपये के जाली एफ फार्म प्रस्तुत किए गए थे। जिनमें फर्म द्वारा गुजरात के अहमदाबाद स्थित डायमंड ऑयल इंडस्ट्रीज, तमिलनाडू की श्री राधे कृष्णा टेडर्स के नाम के जाली एफ फार्म दिए गए। जिससे फर्म द्वारा 4 लाख 23 हजार 56 रुपये का टैक्स चोरी कर विभाग को वित्तीय नुकसान पहुंचाया, लेकिन इसका भुगतान नहीं किया।

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मामला नंबर 3 : मैसर्ज प्रदीप कुमार

आबाकारी एवं कराधान अधिकारी देवेंद्र लांबा ने सदर थाना नरवाना पुलिस में दी शिकायत में बताया कि गांव डूमरखां निवासी प्रदीप कुमार ने मैसर्ज प्रदीप कुमार राइस मिल के नाम से अपनी फर्म पंजीकृत करवाई थी और अपना कर निर्धारण किया था। महालेखाकार ऑडिट चंडीगढ़ द्वारा जांच करने पर ऑडिट ऑब्जेक्शन लगा दिया गया। जिसके बाद प्रदीप कुमार राइस मिल फर्म द्वारा 2006-07 में 18 लाख 63 हजार 460 रुपये के जाली एफ फार्म प्रस्तुत किए। जिनमें फर्म ने दिल्ली की रमेश कुमार, प्रदीप कुमार, श्रीजी इनपेक्स, रमेश कुमार अतुल कुमार के नाम के जाली एफ फार्म प्रस्तुत किए। फर्म द्वारा 1 लाख 58 हजार रुपये का टैक्स चोरी कर विभाग को वित्तीय नुकसान पहुंचाया।

Posted By: Jagran

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