जागरण संवाददाता, जींद : एसडीएम कार्यालय उचाना की कंप्यूटर आप्रेटर को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में स्टेट क्राइम ब्यूरो ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गांव खटकड निवासी दिनेश ने एक जनवरी को पुलिस को शिकायत दी थी कि उसकी पत्नी पिछले छह साल से डीसी रेट पर एसडीएम कार्यालय उचाना में कंप्यूटर आप्रेटर के पद पर कार्यरत थी। उसकी पत्नी से गलत कार्य करवाए जाते थे। जब वह मना करती थी, तो बाद में कंप्यूटर खोल कर गलत कार्य किए जाते थे। कर्मचारियों ने उसके साथ गलत हरकत भी की थी। सहयोगी कर्मचारियों से प्रताड़ित होकर उसकी पत्नी ने जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली। मरने से पूर्व उसकी पत्नी ने सुसाइड नोट छोड़ा और आपबीती को रिकार्ड भी किया। उचाना थाना पुलिस ने दिनेश की शिकायत पर क्लर्क संदीप, एमटीएस मनु, सुखदेव, अर्जुन, अतुल, बलबीर गिल, बलकार, दीपा, तरसेम सहित कुछ अन्य लोग के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। बाद में मामले की जांच स्टेट क्राइम ब्यूरो को सौंप दी गई थी। स्टेट क्राइम ब्यूरो ने कार्रवाई करते हुए राजेंद्र नगर निवासी प्रवीन, सफाखेड़ी निवासी मनु, हाउसिग बोर्ड निवासी अतुल को गिरफ्तार कर लिया।

जेल में तलाशी अभियान के दौरान छह बंदियों से 2.61 ग्राम चरस बरामद

जागरण संवाददाता, जींद : जिला जेल में चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान छह बंदियों से 2.61 ग्राम चरस बरामद हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

जेल उपाधीक्षक संदीप दांगी ने सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि दो अक्टूबर को जेल प्रशासन ने कैदियों की गिनती से पहले उपाधीक्षक सचिन, सहायक अधीक्षक कंवर सिंह के नेतृत्व में सर्च अभियान चलाया। जब बंदी राहुल व वीरेंद्र उर्फ सोनू की तलाश की तो उनके अंडरवियर से चरस बरामद हुई। पूछताछ में आरोपित बंदियों ने बताया कि बंदी सुनील, राममेहर, गुलाब व सुशील उर्फ शीलू के पास भी चरस है। इसके बाद उन बंदियों की तलाशी ली तो उनके पास भी चरस बरामद हुई। आरोपितों ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि जब वह पेशी पर बाहर जाते थे तो उस समय अंडरवियर में चरस को छुपाकर लेकर आते थे और बैरक बंद होने के बाद इसका सेवन करते थे। जेल प्रशासन के अनुसार बंदी सुनील से दो मिलीग्राम, राहुल से 52 मिलीग्राम, वीरेंद्र से 57 मिलीग्राम, राममेहर से 52 मिलीग्राम व गुलाब से 52 मिलीग्राम चरस बरामद हुई है। मामले के जांच अधिकारी एसआइ बलदेव सिंह ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ नशीले पदार्थ निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

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