संवाद सूत्र, उचाना: गांव से तीन किलोमीटर से अधिक दूरी से स्कूल में पढ़ने आने वाली नौवीं से 12वीं तक की बेटियों को स्कूल आने-जाने में परेशानी न हो इसके लिए विभाग द्वारा छात्रा परिवहन स्कीम शुरू की थी। इस स्कीम के तहत छात्रा के खाते में शिक्षा विभाग द्वारा प्रति किलोमीटर चार रुपये की राशि के हिसाब से रुपए डाले जाते है। खंड उचाना में करसिधु, भौंगरा, दुर्जनपुर, बड़नपुर, घासो, लोधर, उचाना मंडी सहित अन्य स्कूलों की छात्राओं को इस स्कीम का लाभ बीते कई साल से मिल रहा था। बीते गत सत्र छात्राओं के खाते में छात्रा परिवहन स्कीम के तहत राशि नहीं आ रही है। अब खुद की जेब से ही बेटियां रुपये एकत्रित करके निजी वाहन की व्यवस्था करके स्कूल आ रही है। छात्राओं ने बताया कि छात्रा परिवहन स्कीम के तहत राशि खातों में न आने पर सीएम विडो के माध्यम से सीएम मनोहर लाल को उनके अभिभावक शिकायत कर चुके है। छात्रा परिवहन स्कीम का फायदा छात्राओं को रहा था क्योंकि जो राशि छात्राओं के खाते में आती थी उस राशि से वो निजी वाहन किराया पर स्कूल में समय पर, स्कूल से घर समय पर आती जाती है। अब दो वर्ष का आर्थिक बोझ उनके अभिभावकों की जेब पर पड़ रहा है। इस स्कीम के तहत राशि न आने से वो उनके अभिभावकों से राशि ले रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की स्कीम शुरू होने से अभिभावक भी बेटियों को गांव से दूर स्कूल में भेज रहे है। इससे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की सरकार की योजना को बल मिल रहा है। ग्रामीण अंचल में बसों की व्यवस्था न के बराबर होने, बसों का टाइम स्कूल के हिसाब से न होने से अभिभावक गांव से दूर स्कूल में बेटियों को पढ़ने कम भेजते थे। अब इस योजना के बाद अभिभावक बेटियों को गांव से दूर स्कूल में जाने के लिए प्रेरित कर रहे है, क्योंकि अब छात्राएं इस योजना के तहत मिलने वाली राशि से निजी वाहन से स्कूल, घर आती है। इस योजना के तहत बकाया राशि छात्राओं के खाते में शिक्षा विभाग जल्दी से जल्दी डलवाए। वर्जन

बीते दो साल से उनके खाते में छात्रा परिवहन स्कीम के तहत राशि नहीं आ रही है। अब जिस वाहन से वो स्कूल आती है उसका किराया वो नहीं दे पा रही है। अभिभावक कहते है कि खाते में राशि आने के बाद वाहन चालक को देंगे। ऐसे में वाहन चालक भी बार-बार वाहन रूट पर बंद करने की बात कह रहे है। वाहन चालक ने अगर वाहन बंद कर दिया तो वो स्कूल कैसे आएगी।

सपना कुचराना खुर्द, कक्षा 11वीं, राजकीय स्कूल करसिधु। मार्च 2020 को संबंधित स्कूलों के खातों में ट्रेजरी के माध्यम से 10 लाख से अधिक की राशि भेजी गई थी। कोविड-19 के चलते बिल पास नहीं हो सकें। राशि लैप्स हो गई। इस वर्ष भी संबंधित स्कूलों की मांग के अनुसार राशि 12 लाख रुपये से अधिक की राशि की मांग इस योजना के तहत की गई है। यह मांग जिला शिक्षा अधिकारी जींद को कई बार भेजी जा चुकी है। राशि आते ही संबंधित छात्राओं के बैंक खातों में राशि डाल दी जाएगी।

-सुमित्रा देवी, खंड शिक्षा अधिकारी, उचाना।