जागरण संवाददाता, जींद : चौ. रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में वार्षिक खेल पुरस्कार वितरण समारोह हुआ। जिसमें साल 2018 से 2020 तक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल के क्षेत्र में नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को नकद राशि देकर सम्मानित किया गया। इस समारोह में मुख्यातिथि के तौर पर खेल मंत्री संदीप सिंह और विधायक डा. कृष्ण मिढ़ा को पहुंचना था। लेकिन नए कृषि कानूनों को लेकर किसानों के विरोध के चलते खेल मंत्री का आना रद हो गया था। उसके बाद बीजेपी विधायक डा. कृष्ण विधायक मिढ़ा को मुख्यातिथि बनाया गया। सुबह जिला प्रशासन की तरफ से विश्वविद्यालय को सूचना दी गई कि सैकड़ों किसान काले झंडे लेकर विधायक का विरोध करने की तैयारी में हैं। जिसके कारण विधायक मिढ़ा भी समारोह में नहीं आए और क्रीड़ा भारती हरियाणा व हिमाचल के संगठन मंत्री उमेश कुमार ने मुख्यातिथि के तौर पर खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय स्पो‌र्ट्स काउंसिल की अध्यक्ष पूनम शर्मा, प्रो. एसके सिन्हा, डीन ऑफ कॉलेजिज डा. आनंद कुमार, डायरेक्टर स्पो‌र्ट्स डा. नरेश देशवाल, गवर्नमेंट कॉलेज की प्राचार्या शीला दहिया, राजपाल ढांडा, डा. कृष्ण शयोकंद, डा. सुरेंद्र, डा. संगीता मौजूद रहे।

25 लाख रुपये की राशि खिलाड़ियों के खातों में डाली

वीसी प्रो. आरबी सोलंकी ने बताया कि लगभग 25 लाख रुपये की राशि खिलाड़ियों के खातों में सीधी डाली गई। जिसमें अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में पहले स्थान वाली टीम को 35 हजार रुपये, दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 30 हजार और तीसरे स्थान की टीम को 25 हजार रुपये की राशि दी गई। सर्वश्रेष्ठ एथलीट को 3100 रुपये, ऑल इंडिया कोच मैनेजर की टीम को प्रथम स्थान 6500 रुपये, दूसरे स्थान पर 4500 रुपये, तीसरे स्थान पर 3300 रुपये की राशि भेंट कर सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय से संबंधित जिले के महाविद्यालयों के टीमों को सम्मानित किया गया। जिन्होंने जोनल या ऑल इंडिया विश्वविद्यालय खेलों में स्थान प्राप्त किया था। विश्वविद्यालय की पूर्व छात्राएं भीम अवॉर्डी गुरमेल कौर, रितु और विश्वविद्यालय को पहला मेडल दिलवाने वाली खिलाड़ी कविता को भी सम्मानित किया।

खिलाड़ी का मकसद केवल मेडल जीतना नहीं

मुख्यातिथि उमेश कुमार ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खिलाड़ी का मकसद केवल मेडल जीतना और नौकरी प्राप्त करना नहीं होना चाहिए। बल्कि अध्यात्म, सामाजिक, सांस्कृतिक परंपराओं को केंद्र में रखकर टूरिज्म पर काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने महाकवि कालिदास के काव्य का उदाहरण देकर कहा कि शरीर ही सभी कामों का माध्यम है। मनुष्य सभी कार्य आनंद प्राप्त करने के लिए करता है और आनंद प्राप्त करने का स्त्रोत खेल है।

जिले के युवाओं में क्षमता की कमी नहीं : वीसी

वीसी प्रो. आरबी सोलंकी ने अपने संबोधन में कहा कि जो पुरस्कार खिलाड़ियों को मिल रहा है, वह चंद दिनों की मेहनत का नतीजा नहीं है। बल्कि कई सालों की कड़ी मेहनत से मुकाम पाया है। जिले के युवाओं में क्षमताओं की कमी नहीं है। अगर उनको प्रोत्साहित किया जाए, तो वह कुछ भी प्राप्त करने में समर्थ है। सीआरएसयू ने छह साल पुराना होने के बावजूद खेल के क्षेत्र में हरियाणा के 20 विश्वविद्यालयों में तीसरा स्थान पाया है।

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