संवाद सूत्र, नरवाना : नौजवान भारत सभा द्वारा भगत सिंह के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में रोजगार के संकट और युवाओं के सामने चुनौती विषय पर आंबेडकर भवन में सेमिनार का आयोजन किया। मंच संचालन कर रहे रमेश ने बताया कि तमाम नेता शहीद भगतसिंह के जन्मदिवस या पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण की रस्म अदायगी तो जरूर करते हैं, लेकिन आमतौर वे भगतसिंह के क्रांतिकारी पक्ष और विचारों को जनता के सामने ओझल कर देते हैं। मौजूदा शासक वर्ग उन्हें एक ऐसे क्रांतिकारी के रूप में पेश करने की कोशिश करता है, जो अंग्रेजों को बंदूक के दम पर अपने देश से भगा देना चाहते थे।

सेमिनार के मुख्य वक्ता उमेद ने बताया कि आज आजादी के 75 साल बाद यह तस्वीर दिन के उजाले की तरह साफ हो चुकी है कि आजादी सिर्फ ऊपर बैठे 10 फीसदी धन्नासेठों के लिए है। बाकी जनता का जीवन नर्क से भी बदतर होता जा रहा है। देश के करोड़ों लोग महंगाई, बेरोजगारी, छंटनी, तालाबंदी, लूट और भ्रष्टाचार की मार झेल रहे हैं।

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