जींद (विज्ञप्ति) : हिदी साहित्य प्रेरक संस्था द्वारा कवि मुंशी प्रेमचंद के जन्मदिवस और अमर शहीद ऊधम सिंह की पुण्यतिथि पर हिदी भवन में काव्य एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जींद जनपद के वरिष्ठ साहित्यकार रामफल खटकड़ ने की।

रामफल खटकड़ ने बताया कि दोनों महापुरुष कर्मवीर थे और उन्होंने देश के लिए अपना जीवन समर्पित व अर्पित किया। हिदी साहित्य प्रेरक संस्था के अध्यक्ष देवदत्त देव ने मुंशी प्रेमचंद के जीवन से प्रेरणा लेते हुए साहित्यकारों को कहा कि 'तमाम दुनिया का हाल कह दे, कमाल है तो कमाल कह दे'। कार्यक्रम में विभिन्न साहित्यकारों द्वारा अपनी अपनी प्रस्तुतियां दी गई। मंच संचालन साहित्कार अनीता ढांडा ने किया। अनीता ढांड़ा ने कहा कि 'निर्मल अश्रु करुणा कर से पौंछे घावों को सहला दे वीर वही है'। कवि जयदेव अत्री ने शहीदों को याद करते हुए कहा की तन 'खाक भले ही हो जाए पर खाक न होने दो खाकी, जिस जमीन ने शहादत है बक्शी, उस माटी से सिगार तो कर लूं'। कवि आजाद सिंह जुलानी ने मुंशी प्रेमचंद को समर्पित अपनी कविता में कहा कि 'उपन्यासों के सम्राट तेरी विद्या है सबसे खास, मुंशी प्रेमचंद तेरा जीवन साहित्य गौरव इतिहास'।

कवयित्री राजबाला राज ने मौसम के ऊपर अपनी कविता सुनाते हुए कहा कि 'बहुत रंगीन देखो हो गया है मनचला मौसम, जरा पूछो कि किस कारण से यह पगला गया मौसम'। इस अवसर पर देवदत्त देव, जितेंद्रनाथ, जयदेव अत्री, राजबाला राज, आजाद सिंह, अश्वनी कुमार उपस्थित रहे।

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