संवाद सूत्र, उचाना : खटकड़ टोल पर किसानों के धरने पर महिला दिवस मनाया गया। महिलाओं ने की धरने की अध्यक्षता की तो मंच संचालन, वक्ता भी महिलाएं ही रही। अध्यक्षता शीला छातर, परमेश्वरी ने की। हरियाणावीं वेषभूषा में धरने पर विभिन्न गांवों से महिलाएं पहुंची। महिला दिवस होने के चलते आम दिनों की अपेक्षा धरने पर महिलाओं की संख्या काफी ज्यादा थी। कविता सरपंच, सिक्किम सफा खेड़ी ने कहा कि किसान आंदोलन में महिलाएं भी पुरुषों के बराबर कदम से कदम मिलाकर चल रही है। महिलाओं ने परिवार के सदस्यों को साफ तौर पर कह दिया है कि वो धरनों में हिस्सा ले। घर के काम के अलावा खेत का काम भी महिलाएं खुद संभालेंगी। यह लड़ाई किसान अकेले की नहीं है बल्कि हर वर्ग की है। जो किसान का नहीं वो किसी का नहीं हो सकता है। किसान सब देख रहा है कि कौन उनके साथ आज है कौन नहीं है। उन्होंने कहा कि गेहूं का सीजन भी किसानों के जोश को कम नहीं कर सकेगा।

दिल्ली से लेकर जहां-जहां भी धरने किसानों के चल रहे है वहां पर भीड़ ज्यों की त्यों रहेंगी। किसान रात को गेहूं की कटाई कर लेंगे लेकिन धरनों पर जरुर पहुंचेंगे। किसान एक-दूसरे का सहयोग भी गेहूं कटाई में करेंगे। जो किसान धरनों पर होंगे दूसरा किसान गेहूं की कटाई के अलावा गेहूं की फसल को बेचने में भी पूरा सहयोग करेंगे। किसान गर्मी, सर्दी से नहीं घबराता है क्योंकि गर्मी में गेहूं की कटाई किसान करता है सर्दी में पानी फसल को किसान देता है।

इस मौके पर शीला जुलाना, सुखदेई, कमला जुलानी, शीला, सुषमा, अनीता खटकड़, प्रमिला, प्रियंका, नीलम, राजा, राजवंति, सोनिया मौजूद रही।

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