घर में टीवी भी नहीं, फोन पर मिली बेटी के गोल्ड की खबर; गरीब परिवार में जन्मी नीरू ने दो दिन में जीते 3 पदक
नीरू ढांडा ने एशियाई खेलों में दो स्वर्ण सहित तीन पदक जीतकर जींद के संगतपुरा गांव और देश का नाम रोशन किया है।
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बीपीएल परिवार में जन्मी नीरू दो दिन में तीन पदक जीत बनी नेशनल हीरो।
HighLights
नीरू ढांडा ने एशियाई खेलों में दो स्वर्ण सहित तीन पदक जीते
जींद के संगतपुरा गांव की नीरू बीपीएल परिवार से हैं
सीमित संसाधनों के बावजूद कड़ी मेहनत से हासिल की सफलता
जागरण संवाददाता, जींद। जिले के ढाई हजार आबादी वाले छोटे से गांव संगतपुरा में एक कमरे का घर। तीन एकड़ खेती। मां द्वारा दूध-घी बेचकर जुटाई गई कमाई।
इन्हीं सीमित संसाधनों के बीच नीरू ढांडा ने सुनहरे सपनों को पंख दिए। कभी बुआ को कबड्डी खेलते देख स्वयं मैदान में उतरने वाली नीरू ने मामा के फार्म पर टिन में निशाना लगा जो राह चुनी थी, उस पर चलते हुए एशियाई खेलों में दो दिन के अंदर दो स्वर्ण सहित तीन पदकों पर निशाना साध लिया।
बीपीएल परिवार में जन्मी नीरू ढांडा का नाम आज पूरे देश में गूंज रहा है। वह नेशनल हीरो बन चुकी हैं। मंगलवार को जब नीरू के स्वर्ण पदक जीतने की फोन पर सूचना मिली, उस समय उनकी मां सुदेश डिपो पर राशन लेने जा रही थी।
घर पर टीवी तक नहीं
बुधवार को ट्रैप मिक्स्ड में नीरू के गोल्ड मेडल जीतने के बारे में भी परिवार वालों को मीडिया कर्मियों के फोन से ही पता चला। घर पर टीवी तक नहीं है। पर दीवार पर टंगे मेडल नीरू के अटूट हौसले, कड़े संघर्ष और असाधारण सफलता की कहानी कह रहे हैं।
घर पर बधाइयां देने वालों का तांता लगा हुआ है, जिन्हें मां सुदेश अपनी बेटी के जीते हुए पदक दिखाकर गर्व से फूले नहीं समाती हैं। बुधवार दोपहर करीब एक बजे मां सुदेश की फोन पर नीरू से बात हुई तो उनकी आंखों से खुशी के आंसू बहने लगे।
बोली-बेटी बहुत अच्छी बात, बधाई। इतनी गरीबी से निकलकर इतिहास रच दिया। देश का झंडा लहरा दिया। अपने परिवार, गांव, ढांडा खाप और देश का नाम रोशन कर दिया। घर में तेरे रूप में सोना-लक्ष्मी पैदा हुई थी। तेरे जैसी चार और बेटी भगवान मुझे दे देता। लड़की, लड़कों से चार गुना आगे हैं। तेरे जैसी बेटी सबके घर पैदा हो। मेरे घर बेटी नहीं, हीरा जन्मी थी। घर और खेत के काम में हाथ बंटवाती हैं नीरू नीरू के पिता सुरेश कुमार किसान हैं और छोटा भाई दीपक पढ़ाई कर रहा है।
मां संभालती हैं खेती का काम
तीन साल पहले बाइक से गिरकर नीरू के पिता के कूल्हे की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया था। वे छड़ी के सहारे ही चलते हैं। मां सुदेश ही घर के साथ खेती का काम संभालती हैं। बचपन से नीरू मां के साथ घर और खेत के काम में हाथ बंटवाती आई हैं। अब भी एकेडमी में ट्रेनिंग या किसी इवेंट में हिस्सा लेने के बाद घर आती हैं तो मां के साथ खेत में जाती है।
दिल्ली एयरपोर्ट पर बेटी से मिलने जाएंगी मां
सुदेश ने बताया कि वीरवार को नीरू जापान से रवाना होकर दिल्ली पहुंचेगी। वे दिल्ली एयरपोर्ट पर मिलने जाएंगे। नीरू ने कहा है, एयरपोर्ट पर सुरक्षा व अन्य कारणों से ज्यादा समय तक मुलाकात नहीं हो पाएगी, इसलिए परिवार से तीन से चार सदस्य ही आएं। वह खुद भी जल्द गांव आकर सबसे मिलना चाहती है। गांव के सरकारी स्कूल से सेना में सूबेदार तक पहुंची नीरू ढांडा ने 12वीं तक की पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल से की।
इसके बाद उन्होंने डिस्टेंस लर्निंग के माध्यम से मास्टर डिग्री हासिल की। शूटिंग करियर को आगे बढ़ाने में मध्य प्रदेश सरकार की ओर से भी उन्हें आर्थिक सहयोग मिला। भोपाल गई तो बदली किस्मत निशानेबाजी खेल के बारे में नीरू व परिवार के किसी सदस्य को कोई जानकारी नहीं थी। वर्ष 2018 में नीरू अपने पिता के साथ भोपाल गई थी।
वहां नीरू की मां के मुंह बोले भाई सोमबीर पहलवान का फार्म हाउस है। सोमबीर के बेटे लक्ष्य श्योराण ने 2018 एशियाई खेलों में ट्रैप शूटिंग में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। वहां फार्म पर लक्ष्य की राइफल से नीरू ने लोहे की टिन पर सटीक निशाना लगाया।
इससे लक्ष्य भी काफी प्रभावित हुए। मामा और भाई लक्ष्य ने प्रतिभा को पहचाना और फरीदाबाद की एक शूटिंग रेंज में नीरू को प्रशिक्षण दिलवाना शुरू किया। प्रोफेशनल ट्रेनिंग 2019 में मध्य प्रदेश स्टेट शूटिंग अकादमी में चयन हुआ।
नीरू की तरह देश के लिए मेडल जीतना चाहती हूं : स्नेहा
पुलिस कॉलोनी की रहने वाली 10वीं कक्षा की छात्रा स्नेहा मोतीलाल स्कूल में पढ़ती है और यहीं शूटिंग रेंज में अभ्यास करती है। स्नेहा ने बताया कि करीब एक माह पहले उनकी शूटिंग रेंज में नीरू ढांडा आई थीं। नीरू ने कहा था कि प्रैक्टिस और बढ़ाएं, जिससे वे भी अच्छा कर सकती हैं। नीरू ढांडा के मैच टीवी पर देखे थे। अब वह भी उनकी तरह देश के लिए मेडल जीतना चाहती है।
सरपंच बोले- बेटी को सम्मानित करेंगे
संगतपुरा के सरपंच प्रतिनिधि सुनील ढांडा ने कहा कि आर्थिक तंगी व संसाधनों के अभाव के बावजूद नीरू ने एशियन गेम्स में तीन पदक जीते हैं। ये बहुत बड़ी उपलब्धि है।
नीरू के गांव में आने पर बहुत बड़ा सम्मान समारोह किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सैनी को भी कार्यक्रम में बुलाने का प्रयास किया जाएगा। ढांडा खाप के प्रधान देवव्रत ढांडा ने कहा कि खाप को नीरू पर गर्व है। जल्द ही ढांडा खाप नीरू को सम्मानित करेगी।
