संवाद सूत्र, उचाना : खटकड़ टोल धरने की मंगलवार को अध्यक्षता सूबेदार बलबीर सिंह ने की। सांकेतिक भूख हड़ताल पर बलबीर मोटा, जिले सिंह खटकड़, रंगी राम घसो, बलमत खटकड़, टेकराम तारखां रहे। खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर पहलवान बरसोला ने कहा कि किसान सरकार से खुद का हक मांग रहा है। सरकार कहती है कि जो कानून बनाए गए हैं, वो किसान, खेती के लिए फायदेमंद हैं। जब किसान धरनों पर बैठा है, वो इन कानूनों को नहीं चाहता है, तो क्यों कानून लागू सरकार कर रही है। सरकार किसान हितैषी होने के दावे करती है। सरकार का कोई भी नेता ये बताए कि इन कानूनों में किसान के फायदे वाला क्या है। किसान नेता इस मुद्दे पर खुली बहस करने को तैयार हैं। लेकिन सरकार के नेता सिर्फ बयानों में ही कानूनों को बढि़या बता रहे हैं। लेकिन खुली बहस नहीं कर रहे हैं। ये कानून पूरी तरह से पूंजिपतियों को फायदा पहुंचाने वाले है। जो कहते थे कि मंडी खत्म नहीं होगी, कई परचेज सेंटरों पर गेहूं बिकने की बजाय साइलों में गया। यहां पर जो मजदूर काम करते थे, उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट हो गया है।

भाकियू जिलाध्यक्ष आजाद पालवां ने कहा कि किसान आंदोलन निरंतर मजबूत हो रहा है। देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी इस आंदोलन को समर्थन मिल रहा है। जब से किसान, मजदूर का ये आंदोलन चला है तब से सरकार द्वारा अनेकों षड्यंत्र आंदोलन को तोड़ने के लिए रचे गए।

सफीदों में किरयाना की दुकानें, दूध की डेयरी के लिए समय हुआ निर्धारित

संसू, सफीदों : एसडीएम कार्यालय में करियाना एसोसिएशन व सफीदों व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों और डेयरियों के प्रधानों के साथ एसडीएम मंदीप कुमार ने बैठक की। एएसपी नितिन अग्रवाल भी बैठक में मौजूद रहे। एसडीएम ने बताया कि सफीदों शहर में बाजार और गली मोहल्लों में करियाना की दुकानें को सुबह आठ से दोपहर बाद तीन बजे तक खोलने का निर्णय लिया गया है। दूध के लिए सुबह आठ से 11 बजे तक और शाम को पांच से साढ़े सात बजे तक दुकान खोलने का व्यापार मंडल के पदाधिकारियों द्वारा सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। एएसपी नीतीश अग्रवाल ने बताया कि पुलिस अधिकारियों की विभिन्न टीमें क्षेत्र में लोगों को लॉकडाउन के नियमों की अनुपालना के बारे में लगातार प्रेरित कर रही हैं।