कैथल, जागरण संवाददाता। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम सुनेजा की अदालत ने एक नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के दोषी निजी स्कूल के एक अध्यापक को 25 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 80 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त 16 महीने की सजा काटनी होगी। दोषी से जुर्माना वसूल होने पर पीडि़ता को 25 हजार रुपये दिए जाएंगे।

अश्‍लील फिल्‍में दिखाकर की थी जबरदस्‍ती

इसके अतिरिक्त जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के माध्यम से साढ़े चार लाख रुपये भी पीडि़त बच्ची को मुआवजे के तौर पर दिए जाएंगे। इस बारे में पीडि़त की मां की शिकायत पर 27 जुलाई 2019 को महिला थाने में केस दर्ज किया गया था। आरोप है कि अध्यापक अनिल कुमार ने स्कूल में अध्यापक के रूप में कार्य करते हुए नौवीं कक्षा की छात्रा को अश्लील फिल्में दिखाकर उसका शोषण किया और जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए।

लड़की के मोबाइल पर भेजता था गंदी वीडियो

अदालत में शिकायत पक्ष की पैरवी कर रहे उप न्यायावादी जय भगवान गोयल ने एफआइआर के हवाले से बताया कि 14 वर्षीया पीडि़ता कक्षा नौवीं में पढ़ती थी। उसी स्कूल में हिंदी का अध्यापक था। आरोप है कि अध्यापक लडक़ी का जनवरी 2019 से शारीरिक शोषण कर रहा था। लडक़ी अध्यापक के पास ट्यूशन पढऩे भी जाती थी। अध्यापक अनिल ने लडक़ी को मोबाइल दिया और गंदी-गंदी वीडियो भेजी। अनिल ने लडक़ी से उसकी अश्लील फोटो खिंचवा कर अपने पास वाट्सपए पर मंगवाई। दोषी लडक़ी को अपने मोबाइल से अश्लील फिल्में दिखाकर उसका शारीरिक शोषण करता था।

कबड्डी कोचिंग के दौरान बनाता था दबाव

उसने लडक़ी को धमकी भी दी कि अगर यह बात अपने परिवार वालों को बताई तो वह उसे परीक्षा में फेल कर देगा। गर्मी की छुट्टियों में जब लडक़ी स्कूल में कबड्डी की कोचिंग लेने जाती थी। तब भी अध्यापक ने लडक़ी के साथ कई बार जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। अध्यापक के डर के कारण लडक़ी ने यह बात किसी को नहीं बताई। लडक़ी डरी सहमी रहती थी तो परिवार वालों ने इसका कारण पूछा। इस पर लडक़ी ने सारी बात बताई।

फोन पर मिले अश्‍लील वीडियो

पुलिस ने मिली शिकायत पर महिला थाने में केस दर्ज किया और अध्यापक अनिल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने लडक़ी का फोन खंगाला तो उसमें अश्लील वीडियो पाए गए। उसका मेडिकल परीक्षण करवाया गया जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम सुनेजा ने अध्यापक को दोषी ठहराते हुए 25 वर्ष कैद की सजा सुनाई। दोषी पहले से ही जेल में बंद है।

ऐसे अपराधी को किसी भी सूरत में छोड़ा नहीं जा सकता: कोर्ट

फैसला सुनाते हुए न्यायालय ने कहा कि विद्यालय ऐसा स्थान है, जहां बच्चों को अपना बौद्धिक विकास करने के लिए भेजा जाता है। दोषी ने सोलह साल से कम उम्र की बच्ची को मोबाइल पर अश्लील तस्वीरें भेजने को कहा और उसका दैहिक शोषण किया। उसे फेल करने की धमकी दी। ऐसे अपराधी को किसी भी सूरत में छोड़ा नहीं जा सकता। वह समाज पर धब्बा है। उसे छोडक़र पीडि़ता के साथ नाइंसाफी नहीं की जा सकती।

Edited By: Anurag Shukla

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