जागरण संवाददाता, जींद: रक्षाबंधन के दिन यात्रियों को सुविधा देने के मामले में और रोडवेज की आमदनी के हिसाब से जींद डिपो पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। जींद डिपो की बसें रक्षाबंधन के दिन 28 हजार किलोमीटर चली और इससे डिपो को 6 लाख 42 हजार की आमदनी हुई। यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी भी नहीं हुई।

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने की खातिर हर साल की तरह इस बार रक्षाबंधन पर किराये में छूट नहीं दी गई थी। महिलाओं और बच्चों का सामान्य किराया लिया गया। यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसलिए जींद डिपो द्वारा अपनी सभी बसें रूटों पर उतारी गई।

140 बसें चलती रहीं

डिपो की करीब 140 बसों ने दिनभर यात्रियों को इधर से उधर ढोने का काम किया। एक बस में अधिकतम 30 यात्रियों को ही बैठने की ही इजाजत थी, इसलिए जिस भी रूट पर 30 यात्री हुए, उसी रूट पर बसों को भेज दिया गया। आमदनी के हिसाब से जींद डिपो पहले नंबर पर रहा तो एवरेज के हिसाब से पानीपत डिपो पहले नंबर पर रहा। पानीपत डिपो की बसों की एवरेज 25.36 रुपये प्रति किलोमीटर रही। उसके बाद रोहतक डिपो की बसों की एवरेज 22.94 रही और जींद डिपो की बसों की एवरेज 22.29 रुपये प्रति किलोमीटर रही। रक्षाबंधन पर इतनी कमाई एक रिकॉर्ड

पिछले चार महीनों में जींद डिपो द्वारा रक्षाबंधन के दिन अब तक की सबसे ज्यादा आमदनी हुई। हालांकि लॉकडाउन से पहले जींद डिपो की रोजाना की कमाई 13 लाख से ज्यादा थी, लेकिन तब जींद डिपो की 165 बसें ऑनरूट रहती थी। कोरोना वायरस के कारण रोडवेज की व्यवस्था अभी तक पूरी तरह से पटरी पर नहीं लौट पाई है। 28823 किलोमीटर का सफर किया

सोमवार को जींद डिपो की बसों में 28823 किलोमीटर का सफर तय किया, जिससे 642407 रुपये आमदनी के रूप में जींद डिपो के पास आए। इनमें 405291 रुपये जींद डिपो से, 133948 रुपये नरवाना सब डिपो से और 102168 रुपये की आमदनी सफीदों सब डिपो की शामिल है। इसके अलावा रविवार को भी जींद डिपो की आमदनी करीब 4 लाख रुपये थी। लॉकडाउन के नियमों का पालन

रक्षाबंधन के त्योहार के चलते बसों में भीड़ बढ़ने की संभावना थी लेकिन बसों में भीड़ अपेक्षाकृत कम ही रही। शारीरिक दूरी समेत मास्क लगाने जैसे नियमों का पालन किया गया। बस अड्डे पर हर यात्री का रिकार्ड नोट किया गया। थर्मल स्केनिग भी की गई। यात्रियों को नहीं हुई परेशानी: हुड्डा

जींद डिपो के महाप्रबंधक बिजेंद्र हुड्डा ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन उनकी करीब 130 बसें विभिन्न रूटों पर चली। एक बस में अधिकतम 30 यात्रियों को ही बैठने दिया। इसके बावजूद जींद डिपो ने एक दिन में पहले की अपेक्षा ज्यादा कमाई की। कमाई के मामले में तथा यात्रियों को बेहतर सर्विस देने के मामले में जींद डिपो दूसरे डिपो से आगे रहा।

kumbh-mela-2021

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप