जागरण संवाददाता, जींद : चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में गुमनाम चिट्ठी के मामले में जांच के लिए बृहस्पतिवार को महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी पहुंची। इस दौरान उन्होंने टीचिग और नॉन टीचिग महिला स्टाफ से बात की और मामले की जांच कर रही डीएसपी पुष्पा खत्री से भी जानकारी ली। जांच के दौरान ऐसी कोई पीड़ित महिला तो सामने नहीं आई, लेकिन कुछ महिला स्टाफ ने आयोग की सदस्य के आगे इस पूरे मामले से वे किस दौर से गुजर रही हैं। इसकी पीड़ा बताई।

आयोग की सदस्य के आगे उनका कहना था कि गुमनाम चिट्ठी के बाद उन्हें बार-बार जांच की प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। उससे उनके घरवाले, दोस्त और जानकार सभी शक की नजर से देख रहे हैं। उनसे तरह-तरह के सवाल पूछे जा रहे हैं। बाहर से जो महिला स्टाफ व छात्राएं यहां आई हुई हैं, विश्वविद्यालय छोड़ कर परिवार वाले उन्हें घर वापस आने के लिए कह रहे हैं, जबकि विश्वविद्यालय में वे खुद को पूरी तरह से सुरक्षित महसूस कर रही हैं और ना ही उनके साथ कोई ऐसी घटना हुई। सुमन बेदी दोपहर करीब साढ़े 12 बजे विश्वविद्यालय पहुंची। इस दौरान उन्होंने वीसी प्रो. आरबी सोलंकी और रजिस्ट्रार डॉ. राजबीर सिंह से भी पूरे मामले को लेकर बातचीत की। बेदी ने कहा कि मामले की तह तक पहुंचा जाएगा और जो भी दोषी पाया जाता है, उसे बख्शा नहीं जाएगा। अगर चिट्ठी लिखने वाले कोई और मकसद मिलता है, तो उसकी भी गहनता से जांच कर उस तक पहुंचेंगे। चाहे इसके लिए किसी भी तरह की जांच करानी पड़े।

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आरोपित सीआरएसयू में ही कर रहा पीएचडी

गुमनाम चिट्ठी में जिस पर यौन शोषण के आरोप लगाए गए हैं। वह बीएसएनएल में नौकरी करता है और फिलहाल सीआरएसयू में मैनेजमेंट में पीएचडी कर रहा था। वहीं चिट्ठी दूसरे जिस व्यक्ति का नाम है, वो प्रदेश सरकार में एक अहम पद पर रहा है। जो सीआरएसयू में होने वाले कार्यक्रमों में अकसर आता था। हालांकि महिला आयोग की पूछताछ में सामने आया कि उसे विश्वविद्यालय की तरफ से निमंत्रण दिया जाता था, तभी वह आता था।

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एक महिला ने पिछले दिनों छोड़ी नौकरी

गुमनाम चिट्ठी सामने आने के बाद पिछले सप्ताह नॉन-टीचिग स्टाफ से एक महिला ने नौकरी छोड़ी है। जिस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि महिला आयोग की सदस्य का कहना है कि चिट्ठी में टीचिग स्टाफ का जिक्र है। लेकिन फिर भी नौकरी छोड़ने वाली महिला से बात की जाएगी। वहीं महिला हॉस्टल के पास ही गेस्ट हाउस होने की बात पर सुमन बेदी ने कहा कि महिला हॉस्टल से संबंधित स्टाफ से बातचीत में बताया गया कि महिला हॉस्टल में किसी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक है।

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दोबारा आएंगी जांच के लिए

पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुमन बेदी ने कहा कि जींद में इससे पहले भी गुमनाम चिट्ठी के मामले आए हैं। उनमें कोई तथ्य नहीं मिले और न ही चिट्ठी लिखने वाला सामने आया, लेकिन इस मामले की जड़ तक पहुंचा जाएगा। चिट्ठी लिखने वाली पीड़िता सबके सामने ना आना चाहती हो, तो वो अकेले में उनसे मिल सकती है। दोषी चाहे कितना ही प्रभावशाली हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभी मामले में उनकी कुछ जांच बाकी है, जिसके लिए वे दोबारा आएंगी।

Posted By: Jagran