जागरण संवाददाता, जींद : एक्टिव थियेटर एंड वेलफेयर सोसाइटी व हरियाणा कला परिषद रोहतक मंडल के तत्वावधान में चौथा सात दिवसीय नवरस राष्ट्रीय नाटय उत्सव का मुंशी प्रेमचंद सभागार मोतीलाल नेहरू स्कूल में शुभारंभ हुआ। पहले दिन एक्टिव थियेटर एंड वेलफेयर सोसाइटी ने चरणदास चोर नाटक का मंचन किया, जिसका निर्देशन राजबीर राजू ने किया। रंगकर्मी रमेश कुमार ने नाटक के बारे में बताया कि चरणदास चोर नाटक हबीब तनवीर के द्वारा लिखा गया नाटक जिसमें एक चोर की कहानी बताई गई है। कहानी कुछ इस प्रकार है चरणदास एक प्रसिद्ध चोर है जोकि चोरी करता है और गरीबों में बांटता है। एक बार उसकी मुलाकात एक साधु से होती है और साधु को वो तीन वचन देता है। पहले वचन में वह सोने की थाली में ना खाने की बात कहता है, दूसरे मे वह किसी भी रानी से शादी ना करने को कहता है और तीसरे वचन में कभी भी राजा ना बनने का वचन देता है। अति निहोरा के बाद गुरु को सत्य बोलने का भी वचन देता है। फिर एक बार एक गांव में भयंकर अकाल पड़ता है। चरणदास उसी गांव के एक साहूकार के पास नौटंकी के माध्यम से जाता है। साहूकार का ध्यान नौटंकी में व्यस्त हो जाता है तब तक वह अनाज की सारी बोरियां गायब कर देता है और वह गरीबों मे बांट देता है। फिर उसकी मुलाकात उसके गुरु से होती है। गुरु उस राज्य की रानी के बारे में बताता है कि उसके राज्य में कभी भी चोरी नहीं हुई। चरणदास फिर एक वचन लेता है कि मैं उस राज्य की रानी के खजाने से पांच मोहरे चुराकर गरीबों में बांट दूंगा और ये उसकी अंतिम चोरी होगी। चरणदास रानी के दरबार से चोरी कर लेता है। जब इस बात की खबर रानी को होती है तो रानी पूरे शहर में डोड़ी पिटवा देती है। अगर चरणदास सच्चा है, तो कुबूल करे कि चोरी उसी ने की है। चरणदास दरबार मे आकर कबूल करता है। रानी उसके निडर स्वभाव को देखकर उस पर मोहित हो जाती है और बहुत सारे प्रस्ताव देती हैं। लेकिन चरणदास सारे प्रस्ताव ठुकरा देता है और अंत में उसे शादी करने को कहती है। गुरु को दिए वचन के कारण चरणदास इसके लिए भी तैयार नहीं होता है। रानी गुस्से में आकर चरणदास का गला कटवा देती हैं। चरणदास का किरदार चंद्रसेन, साधु का किरदार लव प्रताप सिंह, रानी के किरदार सुलक्षणा, शराबी का किरदार विक्रांत, मनीम के किरदार आकाश, दासी का किरदार भारती, सिपाही का किरदार राजवीर राजू, गरीब आदमी का किरदार भूपेंद्र, साहूकार का किरदार आदित्य ने निभाया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यातिथि संजय भसीन उपाध्यक्ष हरियाणा कला परिषद, डीएवी संस्थाओं के के क्षेत्रिय निदेशक डॉ. डीडी विद्यार्थी, डॉ. केएस गोयल, डॉ. सुरेश जैन, धर्मपाल, विपिन राणा, रविद्र कुमार, रंगकर्मी रमेश ने द्वीप प्रच्वलित करके किया।

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