जागरण संवाददाता, जींद : हुडा सेक्टरों में जानलेवा बन चुकी टूटी सड़कों का निर्माण कार्य शुरू न होने से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। 27 दिन पहले ठेकेदार ने यहां काम शुरू किया था। तब दावा किया था कि सेक्टरों की लगभग 26 किलोमीटर लंबी सड़कों की परत को 45 दिन में उखाड़कर साथ-साथ निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन अब तक मात्र चार किलोमीटर लंबी सड़क की परत ही उखड़ी है। 16 अगस्त को डीसी ने करवाया था काम शुरू

डीसी अमित खत्री ने 16 अगस्त को सेक्टर-11 की जिस सड़क का नारियल तोड़कर विधिवत रूप से कार्य शुरू करवाया था, 27 दिन में सिर्फ उसी सड़क की ऊपरी परत उखड़ पाई है। मंगलवार को ठेकेदार ने गोहाना रोड से डीएवी स्कूल की तरफ आने वाली सड़क की परत को उखाड़ने का काम शुरू किया है।

18 दिन में उखड़नी है 22 किलोमीटर सड़क

परत उखाड़ने की डेड लाइन को 18 दिन रह गए हैं और करीब 22 किलोमीटर लंबी सड़कों को उखाड़ना है। जिस धीमी स्पीड से सड़कों को परत उखाड़ने का कार्य चल रहा है उससे लग रहा है कि तीन-चार महीने का समय लगेगा। ऐसे में लोगों इन जानलेवा सड़कों को काफी समय तक झेलना पड़ेगा। अब तक नहीं लगा एक भी ब्लॉक

सड़क उखाड़ने के साथ सड़क बनाने का कार्य भी शुरू होना था, लेकिन अब तक एक भी ब्लॉक नहीं लग पाया है। इस बारे में नगर परिषद के अधिकारी व निर्माण कार्य में लगी कंपनी के कर्मचारियों का कहना है कि बारिश के कारण सड़कों की परत को उखाड़ने में परेशानी आ रही है। हल्की बारिश होते ही सड़कों पर पानी जमा हो जाता है और परत उखाड़ने के कार्य को रोकना पड़ता है। बिना निर्माण सामग्री कैसे बनेंगी सड़क

डीसी अमित खत्री ने नारियल तोड़ने के बाद आदेश दिया था कि जिस भी सड़क को उखाड़ा जाए उसके साथ ही निर्माण कार्य शुरू करना है, लेकिन हुडा सेक्टर की सड़क की परत को उखड़े हुए करीब 20 दिन हो चुके है, लेकिन अभी तक उसका निर्माण कार्य तक शुरू नहीं किया है। परत उखाड़ने के बाद सड़क की गहराई ज्यादा हो गई।

बारिश में तालाब बन जाती है सड़कें

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर अब बारिश हो गई तो यह सड़क तालाब बन जाएगी और लोगों का यहां से निकलना भी मुश्किल हो जाएगा। इसलिए सड़क का जल्द से जल्द निर्माण शुरू करवाया जाए। 220 सड़कों का होगा निर्माण

हुडा सेक्टरों की छोटी-बड़ी 220 सड़कों का निर्माण कार्य होना है। सेक्टर की सड़क करीब दस साल पहले बनी थी। गढ्डों में गिर रहे लोग

इन सड़कों की मरम्मत तक नहीं होने के कारण गहरे गड्ढे बने हुए है। नगर परिषद के अंतर्गत आने के बाद तो समस्या ज्यादा गहरा गई थी और गहरे गड्ढे बनने के कारण लोग इसमें गिरकर घायल हो रहे हैं। इन सड़कों के निर्माण पर करीब 15 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जानी है। छह माह में कार्य पूरा करने किया था वादा

प्रदेश सरकार ने सेक्टरों को जब से नगरपरिषद के अधीन किया था, तब से यहां के लोगों के बुरे दिन शुरू हो गए थे। अब तक सड़कों के गड्ढों पर टांकी भी नहीं लगी है। पहले नगरपरिषद बजट न होने की बात करता रहा। जब बजट जारी हो गया तो नगर परिषद ने सेक्टरों की सभी सड़कों का निर्माण कार्य एक साल में पूरा करने का टाइम दिया है, लेकिन नगर परिषद ने इन सभी सड़कों का निर्माण कार्य छह माह में पूरा करने का दावा किया था, लेकिन जिस धीमी गति से कार्य चल रहा है उससे नहीं लगता है कि यह कार्य एक साल में भी पूरा हो पाएगा।

Posted By: Jagran