जागरण संवाददाता, जींद : सरकार खेलों को बढ़ावा देने से लेकर खेल और खिलाड़ियों को उत्साहित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही लेकिन कुछ जगहों पर ये प्रयास बेकार साबित हो रहे हैं। उचाना खंड के घोघड़ियां गांव में रेस लगाने के लिए तैयार किए गए ट्रैक और प्रेक्टिस की जगह को लोगों ने अपने पशु चराने के लिए चरागाह बना डाला है, तो ऐसे में भला कहां से मिल्खा सिंह और मनजीत चहल जैसे धावक निकलेंगे, जब खिलाड़ियों को रेस लगाने और प्रेक्टिस के लिए जगह ही नहीं मिले।

घोघड़ियां गांव में जिस जगह पर युवा खेलों की प्रेक्टिस कर अपना भविष्य संवारने की सोच रहे हैं, उस जगह पर ग्रामीण अपने पशुओं को चराने के लिए खुला छोड़ देते हैं। होना तो यह चाहिए कि खेलने की जगह को साफ-सुथरा रखा जाए लेकिन ग्रामीण इसमें पशुओं को चराने के लिए भेज कर इस जगह को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके चलते ग्रामीण युवाओं को रेस लगाने से लेकर प्रेक्टिस करने के लिए जगह नहीं मिल पा रही। यहां पर रोजाना प्रेक्टिस करने के लिए आने वाले युवा खिलाड़ी सोमबीर, प्रवीण, काला, दिनेश, प्रवीण, अमला, राजेश, मोहित, विवेक, कालू, सचिन, सोनू, पांडू, अमन ने बताया कि उनके गांव में रेस लगाने और प्रेक्टिस करने की कोई जगह नहीं थी, इसलिए उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की खाली पड़ी जमीन पर ट्रैक तैयार कर यहां पर रेस लगानी शुरू की। यहीं पर कबड्डी का मैदान बनाया लेकिन ग्रामीणों द्वारा यहां पर पशुओं को चरने के लिए छोड़ा जा रहा है। यह पशु ट्रैक पर गोबर कर देते हैं, जिससे उन्हें रेस लगाने और प्रैक्टिस करने में दिक्कत होती है। इस बारे सरपंच को भी अवगत करवाया जा चुका है और बीडीपीओ को भी लिखा जा चुका है कि ट्रैक के चारों तरफ चहारदीवारी निकली जाए या कोई दूसरी ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे पशु ट्रैक तक नहीं आ पाएं। उन्होंने मांग की कि या तो उनकी समस्या का स्थायी समाधान किया जाए या फिर यहां पर पशु चराने वालों पर जुर्माना लगाया जाए।

पता किया जाएगा क्या है मामला : कोथ

उचाना के एसडीएम राजेश कोथ ने कहा कि बीडीपीओ को भेज मामले का पता किया जाएगा। वास्तव में खिलाड़ियों को दिक्कतें आ रही होंगी तो इसका समाधान करवाया जाएगा। युवा देश का भविष्य हैं और इन्हें खेलने और प्रैक्टिस करने में कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।

Posted By: Jagran

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