जींद, जागरण संवाददाता। हरियाणा राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा राजकीय स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को करनाल स्थित राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान का भ्रमण करवाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र में जानकारी मुहैया करवाना है। 11वीं व 12वीं कक्षा के मेधावी विद्यार्थियों को भ्रमण में शामिल किया जाएगा, जिन्होंने 10वीं कक्षा में 85 प्रतिशत या इससे अधिक अंक प्राप्त किए हो।

इस भ्रमण में अंबाला, यमुनानगर, पंचकूला, कैथल, जींद, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, हिसार, सिरसा व फतेहाबाद जिले के विद्यार्थी शामिल हैं। करनाल का यह एनडीआरआइ डेरी के क्षेत्र में प्रमुख संस्थानों में से एक है। इसने डेरी उद्योग के विकास में बहुत योगदान दिया है। यहां पर दुग्ध विकास के बारे में पढ़ाया जाता है। भारत में गाय और भैंसों से संबंधित समस्याओं को ठीक करने के लिए नई तकनीकों का विकास किया जाता है।

मवेशी पशुओं के रख रखाव और उनसे जुड़े बीमारियों और जटिलताओं के बारे में गहन अध्ययन किया जाता है। देश भर से छात्र यहां पढ़ने, सीखने और डिग्री हासिल करने के लिए आते हैं। गाय और भैंस के अलग- अलग रिसर्च से उनके अलग-अलग पैदावार को बढ़ाया जाता है। इनके क्रास ब्रेड से नए ब्रीड को बनाया जाता है। कम दूध देने वाले गाय व भैंस के नस्ल को पहचान कर नए ब्रीड व नए नस्ल का तैयार किया जाता है, जो ज्यादा दूध दे सकें।

शिक्षण और अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों के अलावा एनडीआरआइ के पास माडल डेयरी प्लांट भी है, जिसमें 60 हजार लीटर तक दूध का उत्पादन क्षमता है। दूध के उत्पादन के लिए 1800 से अधिक डेयरी पशु भी रखे गए हैं, जिन पर शोध होता रहता है। अनुसंधान और शोध में मिली जानकारियों के संचालन के लिए डेयरी के पास खुद का राष्ट्रीय पुस्तकालय है, जिसमें 94 हजार दस्तावेज रखे गए हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को जानकारी मुहैया करवाने के लिए एनडीआरआइ का भ्रमण करवाया जाएगा।

स्कूलों से मांगे गए हैं विद्यार्थियों के नाम

"एनडीआरआइ में जाने वाले इच्छुक विद्यार्थियों के लिए स्कूलों से नाम मांगे गए हैं। दिसंबर के अंत में या फिर जनवरी की शुरूआत में विद्यार्थी करनाल शैक्षणिक भ्रमण के लिए जा सकते हैं। 11वीं कक्षा में पढ़ने वाले वह विद्यार्थी, जिनके दसवीं कक्षा में 85 प्रतिशत या इससे ज्यादा अंक आए हैं वह विद्यार्थी करनाल एनडीआरआइ में जाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।"

--रणधीर सिंह लोहान, जिला विज्ञान विशेषज्ञ।

Edited By: Anurag Shukla

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