संवाद सूत्र, जुलाना : हंगरी में चार विदेशी पहलवानों को धूल चटाकर गोल्ड जीतने पर प्रिया मलिक का खेल स्कूल निडानी पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। गांव के लोगों ने भी बेटी प्रिया मलिक को सर आंखों पर बैठाया।

गांव निडानी में चौधरी भरत सिंह स्पो‌र्ट्स स्कूल एवं भरत मैमोरियल स्पो‌र्ट्स स्कूल की ओर से सोमवार को गोल्ड मेडल विजेता प्रिया मलिक के आने का बेसब्री से इंतजार था। जैसे ही वह स्कूल में पहुंची तो प्राचार्य राजवंती मलिक, प्राचार्य रामचंद्र ने नोटों और फूलों की मालाओं से भव्य स्वागत किया।

इस मौके पर सचिव एवं निदेशक प्रशासन कृष्ण मलिक, सचिव रणधीर श्योराण, कोच जगदीश श्योराण, गोल्ड मेडल विजेता के पिता जयभगवान मलिक, संस्था के प्रवक्ता आनंद लाठर, सुदर्शन चौटाला, मुकेश खटकड़ सहित काफी संख्या में गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

चार विदेशी पहलवानों से हुई थी टक्कर

हंगरी के बुढ़ापेस्ट में 19 से 25 जुलाई तक विश्व कैडेट कुश्ती चैंपियन का आयोजन किया गया था। जिसमें प्रिया मलिक ने 73 किलोग्राम वर्गभार कुश्ती चैंपियनशीप के चौथे दिन बेलारूस की पहलवान को 5-0 से मात देकर गोल्ड मेडल जीता था। जबकि इससे पहले प्रिया मलिक का पहला मुकाबला करोटिया की पहलवान के साथ हुआ था। यहां पर प्रिया ने 10-0 से कोरिया देश की पहलवान को हराकर क्वाटर फाइनल में जगह बनाई थी। क्वाटर फाइनल मुकाबला हंगरी की पहलवान के साथ हुआ। इसमें प्रिया मलिक ने अपने प्रतिद्वंद्वी पहलवान को 5-0 से हराया था और सेमीफाइनल में पहुंच गई थी। सेमीफाइनल मुकाबला रूस के पहलवान साथ हुआ, जिसमें प्रिया ने रुस की पहलवान को एक तरफ 9-0 से हराने का काम किया था। प्रिया मलिक की ऐतिहासिक जीत पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बधाई दी। प्रदेश का मान बढ़ाने पर उनका हौसला बढ़ाया।

प्रिया की यह रही उपलब्धियां

इससे पहले भी प्रिया ने अनेक उपलब्धियां हासिल की है। इसमें 2019 में पुणे में आयोजित खेलों इंडिया में गोल्ड मेडल, 2019 में दिल्ली में आयोजित 17वीं स्कूल गेम्स में गोल्ड मेडल और 2020 में पटना में आयोजित नेशनल कैडेट प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर चुकी है।

गर्व हैं ऐसी बेटियों पर : कृष्णा मलिक

चौधरी भरतसिंह मैमोरियल खेल स्कूल निडानी संस्था की निर्देशिका कृष्णा मलिक ने कहा कि हमें गर्व है ऐसी छोरियों पर जब देश की निगाहें सम्मान को लेकर टिकी रहती हैं तब हमारी संस्था की छोरियां विदेशों में खेलों के माध्यम से भारत के झंडे को उंचा उठाने का काम करती हैं।

Edited By: Jagran