संवाद सूत्र, उचाना (जींद) : खटकड़ टोल पर चल रहे किसानों के धरने पर शनिवार को भाकियू (चढूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी पहुंचे। जहां पर चढूनी ने कहा कि जो खटकड़ टोल का धरना चल रहा है वो पूरे हरियाणा में नंबर एक पर चल रहा है। यहां के धरने पर महिलाओं, युवाओं की भागीदारी बड़ी संख्या में होती है। किसान, मजदूरों के हकों के लिए चलाए गए इस आंदोलन में जींद नंबर एक पर है। कोई आपसी मनमुटाव है वो नहीं रखना चाहिए। किसी की तरफ से अगर कोई गलती है तो उनकी तरफ से हम सबसे माफी मांगते है। हम खुद के लिए धरनों पर नहीं बैठे है बल्कि पूरे समाज के लिए धरनों पर बैठे है। हम आपस में लड़ने के लिए नहीं बैठे है बल्कि हम उन लोगों के लिए धरनों पर बैठे है जिनको पूंजीपति खा रहे है। हम आपस में अगर लड़ पड़े तो वो हमें खा जाएंगे। चढूनी ने कहा कि कोई भी आंदोलन हो वो अगर चार चरणों से निकल जाता है तो उसमें जीत मिलती है। पहला चरण होता है समझा कर आंदोलन को तोड़ना, दूसरा चरण लालच देना, तीसरा चरण होता है दंडित करना मामले दर्ज करना, लाठी चार्ज करना, जेलों में भेजना ये तीनों चरण किसान, मजदूर का आंदोलन पार कर चुका है। तीसरे पड़ाव पर जाकर बहुत से आंदोलन टूट जाता है। किसानों का आंदोलन तीसरा पड़ाव पार कर चुका है। अंतिम पड़ाव होता है आपस में फूट डालना आज तक कोई भी आंदोलन इस चौथे पड़ाव को पार नहीं कर पाया। फूट डलती है हमारे में हम अपने भाइयों की बात को बर्दाश्त नहीं करते है। यहां आकर ही आंदोलन टूटता है। अन्न हजारे का आंदोलन को देख लो आखिरी में जाकर टूटा। चौथा पड़ाव आज तक कोई आंदोलन पार नहीं कर सका। जिस आंदोलन ने चौथा पड़ाव पार कर लिया तो सरकार बड़ी कमजोर है जो चाहों सरकार से मनवा लो। आप 10 मांगे लेकर जाए बेशक 12 मनवा लो। आजाद पालवां, सतबीर पहलवान ने कहा कि कांवड़ के तौर पर गांव से युवा दिल्ली बार्डरों पर दिए जा रहे धरनों पर गांव से खेत की मिट्टी, पानी लेकर जा रहे है।दो अगस्त को खटकड़ टोल से हजारों युवा एक साथ दिल्ली बार्डर पर अपने-अपने गांव के खेत की मिट्टी, पानी लेकर जाएंगे।

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