जागरण संवाददाता, जींद : अगर कोई किसान धान की पराली जलाता है, तो उसके खिलाफ 24 घंटे के अंदर एफआइआर दर्ज कराई जाएगी। डीसी डा. आदित्य दहिया ने सोमवार को लघु सचिवालय के सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मीटिग लेते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पराली जलाने पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के आदेश दिए जा चुके हैं। इस बार पराली जलाने वाले किसान जिला प्रशासन की नजर से नहीं बच पाएंगे। सैटेलाइट के माध्यम से पूरी निगरानी रखी जा रही है। अगर जिले में कहीं भी पराली जलती है, तो इसकी सूचना तुरंत मिल जाएगी। किसी भी सूरत में पराली नहीं जलने दी जाएगी। डीसी ने सभी एसडीएम व डीएसपी को अपने अधीनस्त रेड और ऑरेंज जोन में शामिल गांवों के दौरे कर किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए। इन गांवों में विशेष निगारानी रखने के लिए अधिकारियों की ड्यूटियां भी लगा दी गई हैं। सरपंच, नंबरदार, पटवारी भी गांवों में ध्यान रखेंगे और पराली जलने पर नजदीकी पुलिस स्टेशन में इसकी सूचना देंगे। इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले पर कार्रवाई होगी। डीसी ने किसानों से पराली ना जलाने का आह्वान करते हुए कहा कि वातावरण में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से कोरोना वायरस और भी घातक हो सकता है। इसलिए पराली ना जलाकर इसका उपयोग पशु चारें में करें। इससे खुद की जान बचाने के साथ आने वाली पीढि़यों को भी स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण दे सकते हैं।

कंबाइन मशीनों में एसएमएस सिस्टम की करें जांच

डीसी ने कहा कि बगैर एसएमएस के कंबाइन चलाने पर पाबंदी है। पुलिस अधिकारी जिले की सीमाओं पर नजर रखें कि कोई भी ऐसी कंबाइन नहीं आने दें। जिसमें एसएमएस न लगा हो। जिले के अंदर जो मशीनें काम कर रही हैं, उनकी भी चेकिग की जाएगी। जो मशीनें बगैर एसएमएस की पाई गई, तो उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होगी। बैठक में एडीसी डा. सत्येंद्र दूहन, जींद एसडीएम सत्यवान मान, नरवाना एसडीएम संजय बिश्नोई, उचाना एसडीएम राजेश कोथ, डीएसपी धर्मबीर सिंह, डीएफएससी राजेश आर्य मौजूद रहे।

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