जागरण संवाददाता, जींद: वीटा प्लांट से रिटायर्ड चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भिवानी रोड निवासी रामकुमार केवल आठवीं पास हैं। कम पढ़ा-लिखा होने का उन्हें हमेशा मलाल रहा। कोई और पैसे के अभाव में पढ़ाई बीच में ना छोड़े। इसके लिए उन्होंने साल 2015 में मूकनायक एजुकेशन सोसाइटी बनाकर उससे लोगों को जोड़ा और पुस्तकालय खुलवाने शुरू किए। सबसे पहले उन्होंने जिले कैर खेड़ी गांव में पुस्तकालय खोला। उसके बाद उन्होंने रत्ता खेड़ा, जींद शहर तथा हिसार जिले के भकलाना गांव और हिसार शहर में मुल्तानी चौक के पास पुस्तकालय खुलवाया। अब तक कुल पांच पुस्तकालय खुलवा चुके हैं।

रामकुमार ने बताया कि उनके लिए भी पुस्तकालय में हर प्रकार की किताबें उपलब्ध कराना आसान नहीं था, क्योंकि उन पर भी अपने चार बच्चों के लालन-पालन की जिम्मेदारी थी। ऐसे में उन्होंने न केवल अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलवाई, बल्कि समाज सेवा के कार्य भी साथ-साथ किये। आज रामकुमार का बेटा भारतीय जीवन बीमा निगम में विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत है। रामकुमार अब संस्था के माध्यम से समाज सेवा में जुटे हुए हैं। उनका सपना प्रदेश के हर गांव और शहर में पुस्तकालय शुरू करवाना है। ताकि किताबों के अभाव में कोई भी बच्चा बीच में पढ़ाई ना छोड़े। महिला सशक्तीकरण के लिए उठा रहे कदम

रामकुमार ने महिलाओं के लिए तीन सिलाई-कढ़ाई सेंटर भी स्थापित खुलवाए। फिलहाल हिसार जिले के भकलाना तथा जींद जिले के रत्ता खेड़ा तथा जींद शहर में यह चल रहे हैं। यहां सिलाई सीखने वाली महिलाओं ने बताया कि ये केंद्र उनके परिवार के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यहां सिलाई सीखकर कई महिलाओं ने अपना स्वरोजगार भी स्थापित कर लिया है।

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