संवाद सूत्र, नरवाना : अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास गुप्ता के साथ डीसी नरेश नरवाल ने पिछले सप्ताह नरवाना की मेला मंडी का दौरा करने के बाद किसानों की समस्याएं सुनी थी। किसानों ने कहा था कि नरवाना की मेला व कपास मंडी में हर दिन दो बोली होनी चाहिए, ताकि किसानों का एक-एक दाना बिक सके। डीसी नरेश नरवाल ने आश्वासन दिया था कि नरवाना की दो मंडियों में दो बोली शुरू करवा दी जाएगी, लेकिन उनके आश्वासन के बाद भी दो बोली शुरू नहीं हो सकी, तो किसानों ने मंगलवार को मार्केट कमेटी कार्यालय के गेट पर ताला जड़ दिया और गेट के सामने धरना देकर बैठ गए। किसानों ने कहा कि जब तक हर रोज दो बोली नहीं होती, वे गेट नहीं खोलेंगे।

नरवाना में केवल छह मिलों से ही काम चलाया जा रहा है, जिससे उठान संबंधी समस्या भी आ रही है। ऐसे में मिल की संख्या बढ़ाना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि मिल की कम संख्या होने के कारण ही किसानों को एमएसपी रेट से कम में फसल बेचनी पड़ रही है। मंगलवार को एफसीआइ की खरीद का दिन है, सुबह 12 बजे तक भी बोली शुरू नहीं करवाई जाती है। जिससे किसानों को फसल बेचने के लिए इंतजार करना पड़ता है। बोली शुरू न होने पर किसानों ने गेट पर ताला जड़ दिया, तो मार्केट कमेटी सहायक सचिव रोशनलाल मौके पर पहुंचे और उन्होंने किसानों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन किसानों ने जवाब देते हुए कहा कि कहां तो दो बोली शुरू होने की बात कही जाती है, लेकिन एक बोली भी दोपहर तक शुरू नहीं होती है।

सहायक सचिव रोशनलाल ने तहसीलदार विजय कुमार से फोन पर बातचीत की और उनको स्थिति से अवगत करवाया। तहसीलदार विजय कुमार मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे और उन्होंने सहायक सचिव के कार्यालय में धरना देकर बैठे किसानों की समस्या सुनी। उन्होंने कहा कि मिलों की संख्या बढ़ाने की बात हो चुकी है, जहां पहले छह मिलों से काम चलाया जा रहा है, तो उसके साथ ही बाहर से छह मिलों को लाया जाएगा। वहीं उन्होंने कहा कि एजेंसियों द्वारा हर दिन दो बोली शुरू करवा दी जाएगी। जिसके बाद किसान संतुष्ट हुए और किसानों ने मार्केट कमेटी गेट का ताला खोल दिया।

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