जागरण संवाददाता, जींद : गांव बिरौली में बुधवार को संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के तत्वावधान में अखिल भारतीय सुमित्रा माता, ग्रामीण विकास संस्था द्वारा चौपाल में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ नाटक का मंचन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मार्केटिग बोर्ड के अधीक्षक अभियंता नवीन दहिया नाटक का शुभारंभ किया। जबकि राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित सुभाष ढिगाना ने इसकी अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथि के रूप में डीसी विकास, वरिष्ठ साहित्यकार ओमप्रकाश चौहान, रामनिवास दूहन उपस्थित रहे।

नाटक के माध्यम से दर्शाया गया कि धर्मसिंह व धन्नो देवी गांव के एक किसान के घर लक्ष्मी नाम की लड़की पैदा होती है। इसमें धन्नो देवी लक्ष्मी को जन्म से पहली ही गर्भ में मारना चाहती है, क्योंकि आज के इस दौर में कोई भी लड़की सुरक्षित नहीं है। वह लड़की को गर्भ में मारने में असफल रहती है। लड़की के जन्म से धर्मसिंह काफी खुश होता है। जैसे ही लड़की चार साल की हो जाती है धर्म सिंह उसका दाखिला स्कूल में करवा देता है। लड़की 12वीं करके कॉलेज में दाखिला लेने बड़े शहर में जाती है। वह पढ़ाई के दौरान पैसे के लालच आकर अपनी कोख को किराए पर देने के लिए राजी होती है, कितु अगले दिन उसको एहसास होता है कि यह कार्य गलत है। फिर वह पढ़ाई में लग जाती है। बाद में वह एसपी बन जाती है और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ मुहिम को आगे बढ़ाती है। इस अवसर पर युवा खेल मंडल बिरौली के अध्यक्ष महावीर शर्मा, राकेश दूहन, नरेश दूहन, बलजीत पूनिया, डा. सुरेंद्र वत्स, सुरेश पूनिया, नरेश सांगवान, संजू सैनी, शुभम का विशेष सहयोग रहा।

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