जागरण संवाददाता, जींद : व्यक्ति अपने लिए न जी कर दूसरों के लिए जीए, सदा दूसरों की भलाई के लिए काम करे, तो वह परोपकारी कहलाता है। परोपकार ही वह लक्षण है, जो इंसान और जानवर में अंतर करता है। ये शब्द मुख्यमंत्री के निजी सचिव राजेश गोयल ने डीएवी स्कूल में आयोजित दिव्यांग टैलेंट शो में कहे।

उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपने पैर पर खड़ा नहीं हो सकता। जो अपने हाथ से काम नहीं कर सकता या किसी भी प्रकार से अक्षम है उसे सक्षम बनाने का काम करना बड़ी पहल है। नारायण सेवा संस्थान उदयपुर, विवेकानंद फाउंडेशन और आर्य युवा समाज ने इस प्रतियोगिता का आयोजन कराया। नारायण सेवा संस्थान उदयपुर के अध्यक्ष प्रशांत ने कहा कि उदयपुर में 11 हजार बेड का अस्पताल निरंतर पीड़ितों के ऑपरेशन करता है। जो कोई किसी भी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हो, उनके ऑपरेशन करवाता है। उन्होंने घोषणा की कि संस्थान की एक शाखा जींद में खोली जाएगी और डीएवी के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी उसके संयोजक होंगे। डीएवी संस्थान के राष्ट्रीय सचिव महेश चोपड़ा ने भी दिव्यांग बच्चों द्वारा आयोजित कार्यक्रम की सराहना की। डीएवी संस्थान के राष्ट्रीय निदेशक जेपी सुर ने कहा कि डीएवी ने ऐसे स्कूल खोले हैं जो मानसिक रूप से पिछड़े विद्यार्थियों के विकास में लगे हुए हैं। समारोह में भारत के लगभग सभी प्रांतों से आए हुए दिव्यांगों ने तरह-तरह के करतब दिखाकर लोगों को हैरत में डाल दिया। इस मौके पर यमुनानगर, अमृतसर, जालंधर, दिल्ली तथा आसपास के डीएवी के प्राचार्य और अध्यापकों ने भाग लिया।

Posted By: Jagran

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